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उन्नावः आवास लाभार्थियों के लिए आए 23 करोड़
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दूसरी किस्त न मिलने से टिनशेड डालकर रहती सैय्यदवाड़ा की महजबीन। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के पात्र लाभार्थियों का जल्द पक्के घर का सपना पूरा हो सकता है। प्रदेश सरकार ने आवास के लिए 23 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) विभाग ने लाभार्थियों के खातों में धनराशि ट्रांसफर करने की कवायद शुरू कर दी है।
निकायों में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जो भूमि होने के बाद भी झोपड़ी या कच्चे मकान में रह रहे हैं। ऐसे शहरी गरीब पात्रों को सरकार प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए अनुदान देती है। एक आवास पर तीन किस्तों में लाभार्थियों को ढाई लाख की धनराशि दी जाती है। इसमें पहली किस्त 50 हजार, दूसरी किस्त 1.50 लाख और अंतिम किस्त 50 हजार की दी जाती है।
फिर जिला नगरीय विकास अभिकरण विभाग की ओर से पात्रों की सूची तैयार कराकर मुख्यालय भेजी जाती है। वर्तमान समय में विभाग के पास ऐसे 4013 लाभार्थियों की सूची तैयार है जो लंबे समय से किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इनमें मात्र 513 ऐसे पात्र हैं जिन्हें पहली किस्त जारी होनी है। शेष दूसरी और तृतीय किस्त के लाभार्थी हैं। अब इन लाभार्थियों का पक्का घर बनने की उम्मीद है। शासन से इन लाभार्थियों की किस्त के लिए 23 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
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परियोजना अधिकारी डूडा अरविंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में पात्र लाभार्थियों को योजना की किस्त देने के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध हो गई है। इससे प्रथम किस्त के 513, द्वितीय के 500 और तृतीय किस्त के 3000 लाभार्थियों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक सप्ताह के अंदर सभी को किस्त उपलब्ध करा दी जाएगी।
दूसरी किस्त के लाभार्थियों ने छह माह पहले किया था आवेदन
कुल लाभार्थियों में 500 ऐसे हैं जिन्हें पहली किस्त करीब छह माह पहले दी गई थी। लाभार्थियों ने पहली किस्त के रूप में मिले 50 हजार रुपये से पुराने कच्चे व जर्जर मकान गिरवाकर नींव आदि भराकर काम शुरू किया। नींव भराने के बाद दूसरी किस्त के लिए आवेदन किया। इसके बाद किस्त का इंतजार करने लगे। इंतजार में लंबा समय बीत गया पर किस्त नहीं आई। पूरी बारिश इन लाभार्थियों ने तिरपाल व टिन शेड के नीचे काट दी। इसी प्रकार तृतीय किस्त के तीन हजार लाभार्थी हैं। जिनका भवन भी अधूरा पड़ा है।
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निकायों में रहने वाले ऐसे व्यक्ति जो भूमि होने के बाद भी झोपड़ी या कच्चे मकान में रह रहे हैं। ऐसे शहरी गरीब पात्रों को सरकार प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए अनुदान देती है। एक आवास पर तीन किस्तों में लाभार्थियों को ढाई लाख की धनराशि दी जाती है। इसमें पहली किस्त 50 हजार, दूसरी किस्त 1.50 लाख और अंतिम किस्त 50 हजार की दी जाती है।
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फिर जिला नगरीय विकास अभिकरण विभाग की ओर से पात्रों की सूची तैयार कराकर मुख्यालय भेजी जाती है। वर्तमान समय में विभाग के पास ऐसे 4013 लाभार्थियों की सूची तैयार है जो लंबे समय से किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इनमें मात्र 513 ऐसे पात्र हैं जिन्हें पहली किस्त जारी होनी है। शेष दूसरी और तृतीय किस्त के लाभार्थी हैं। अब इन लाभार्थियों का पक्का घर बनने की उम्मीद है। शासन से इन लाभार्थियों की किस्त के लिए 23 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
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परियोजना अधिकारी डूडा अरविंद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में पात्र लाभार्थियों को योजना की किस्त देने के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध हो गई है। इससे प्रथम किस्त के 513, द्वितीय के 500 और तृतीय किस्त के 3000 लाभार्थियों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक सप्ताह के अंदर सभी को किस्त उपलब्ध करा दी जाएगी।
दूसरी किस्त के लाभार्थियों ने छह माह पहले किया था आवेदन
कुल लाभार्थियों में 500 ऐसे हैं जिन्हें पहली किस्त करीब छह माह पहले दी गई थी। लाभार्थियों ने पहली किस्त के रूप में मिले 50 हजार रुपये से पुराने कच्चे व जर्जर मकान गिरवाकर नींव आदि भराकर काम शुरू किया। नींव भराने के बाद दूसरी किस्त के लिए आवेदन किया। इसके बाद किस्त का इंतजार करने लगे। इंतजार में लंबा समय बीत गया पर किस्त नहीं आई। पूरी बारिश इन लाभार्थियों ने तिरपाल व टिन शेड के नीचे काट दी। इसी प्रकार तृतीय किस्त के तीन हजार लाभार्थी हैं। जिनका भवन भी अधूरा पड़ा है।

दूसरी किस्त न मिलने से अधूरा पड़ा गांधीनगर के दिनेश चंद्र मिश्रा का आवास। संवाद- फोटो : UNNAO