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जरदोजी उन्नाव नाम से देश विदेश में भेजे जाएंगे उत्पाद
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उन्नाव। जिले के जरी-जरदोजी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन जरदोजी उन्नाव नाम से ब्रांड शुरु करने जा रहा है। इसका बाकायदा लोगो डिजाइन कराया जा रहा है। यह लोगो ही उन्नाव की जरदोजी की पहचान बनेगा।
केंद्र सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत जिले के जरी-जरदोजी उत्पाद को चिह्नित किया गया है। सदर, कुरसठ, बारीथाना, मियागंज, आसीवन, हैदराबाद, मोहान, हसनगंज, सफ ीपुर आदि स्थानों में लगभग 10 से 15000 कारीगर कई पीढ़ियों से जरी-जरदोजी (साड़ियों में कढ़ाई का कार्य) का काम कर रहे हैं। यहां बने जरी परिधानों की कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, जयपुर, कोलकाता के साथ अरब देशों में भारी मांग है। जिला प्रशासन जरदोजी को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है। डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने जरी जरदोजी के उत्पादों के लिए जरदोजी उन्नाव नाम से ब्रांड शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद लोगो डिजाइन करने का काम शुरू किया गया। कई शिक्षकों को इस काम में लगाया गया है। स्कूली बच्चों की भी मदद ली जा रही है। लोगो फाइनल होने के बाद जिले के सभी जरदोजी उत्पाद जरदोजी उन्नाव नाम से देश-विदेश भेजे जाएंगे। इससे जिले की अलग पहचान बनेगी। मुख्य विकास अधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि लोगो से संबंधित कई डिजाइन आए हैं। इन्हें देखा जा रहा है। जो भी सही होगा उसे जिलाधिकारी फाइनल करेंगे। इसके बाद उसे ब्रांड के लोगो के रूप में प्रयोग किया जाने लगेगा।
-जिला प्रशासन पहचान के लिए तैयार करा रहा लोगो
-ओडीओपी में चयनित जरदोजी की पहचान बनेगा ब्रांड
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केंद्र सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत जिले के जरी-जरदोजी उत्पाद को चिह्नित किया गया है। सदर, कुरसठ, बारीथाना, मियागंज, आसीवन, हैदराबाद, मोहान, हसनगंज, सफ ीपुर आदि स्थानों में लगभग 10 से 15000 कारीगर कई पीढ़ियों से जरी-जरदोजी (साड़ियों में कढ़ाई का कार्य) का काम कर रहे हैं। यहां बने जरी परिधानों की कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, जयपुर, कोलकाता के साथ अरब देशों में भारी मांग है। जिला प्रशासन जरदोजी को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है। डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने जरी जरदोजी के उत्पादों के लिए जरदोजी उन्नाव नाम से ब्रांड शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद लोगो डिजाइन करने का काम शुरू किया गया। कई शिक्षकों को इस काम में लगाया गया है। स्कूली बच्चों की भी मदद ली जा रही है। लोगो फाइनल होने के बाद जिले के सभी जरदोजी उत्पाद जरदोजी उन्नाव नाम से देश-विदेश भेजे जाएंगे। इससे जिले की अलग पहचान बनेगी। मुख्य विकास अधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि लोगो से संबंधित कई डिजाइन आए हैं। इन्हें देखा जा रहा है। जो भी सही होगा उसे जिलाधिकारी फाइनल करेंगे। इसके बाद उसे ब्रांड के लोगो के रूप में प्रयोग किया जाने लगेगा।
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-जिला प्रशासन पहचान के लिए तैयार करा रहा लोगो
-ओडीओपी में चयनित जरदोजी की पहचान बनेगा ब्रांड