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177 टीचरों क ी हुई पदोन्नति
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 19 May 2016 12:32 AM IST
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प्रमोशन कराने आए टीचरों को दिशा निर्देश देते बीएसए।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 177 टीचरों के प्रमोशन के लिए बुधवार को बीएसए कार्यालय में काउंसलिंग कराई गई। स्कूल आवंटन के बाद शाम को इन्हें आदेश पत्र भी दे दिए गए। गुरुवार को टीचर नए स्कूल में योगदान करेंगे।
टीचरों को काउंसलिंग के लिए सुबह दस बजे बुलाया गया था। अधिकारियों के समय से न आने पर दोपहर एक बजे से विद्यालय आवंटन के लिए काउंसलिंग शुरू हुई। तब तक टीचर धूप में तपते रहे। उच्च प्राइमरी वर्ग में मार्च 1999 की प्रथम नियुक्ति वाले टीचर प्रमोशन के लिए बुलाए गए थे। इसमें उच्च प्राथमिक के 115 टीचरों का प्रमोशन प्रधान टीचर के पद पर होना था। काउंसलिंग शुरू होेने से पहले 120 स्कूलों की सूची बाहर लगाई गई।
बाद में सूची बदली गई । इसमें स्कूलों की संख्या 115 कर दी गई। इससे टीचरों में आक्रोश भी रहा। जूनियर स्कूलों के लिए पांच टीचरों ने काउंसलिंग छोड़ दी।
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प्राइमरी वर्ग की काउंसलिंग के लिए मई 2013 तक तीन साल पूरे करने वाले टीचरों को शामिल किया गया। इसमें 67 टीचरों ने आवेदन किया था। विज्ञान व गणित वर्ग के टीचरों का प्रमोशन उच्च प्राथमिक स्कूल में सहायक टीचर और कला वर्ग के टीचरों का प्राइमरी स्कूलों मे प्रधान टीचर के पद पर प्रमोशन किया गया। देर शाम सभी को नियुक्ति पत्र भी दे दिए गए। काउंसलिंग कराने के लिए बीईओ रंगनाथ चौधरी, अरविंद कुशवाहा को लगाया गया था।
समाप्त हुई रोस्टर प्रक्रिया
काउंसलिंग में हर बार पुरुषों को रोस्टर से स्कूल दिए जाते थे। इससे उन्हें यह पता नहीं चल पाता था कि कौन सा स्कूल मिल रहा है। इस बार बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने रोस्टर प्रक्रिया को समाप्त कर पुरुषों को भी विद्यालय आवंटन का मौका दिया। इससे पुरुष टीचर मन पसंद स्कूल ले पाए।
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टीचरों को काउंसलिंग के लिए सुबह दस बजे बुलाया गया था। अधिकारियों के समय से न आने पर दोपहर एक बजे से विद्यालय आवंटन के लिए काउंसलिंग शुरू हुई। तब तक टीचर धूप में तपते रहे। उच्च प्राइमरी वर्ग में मार्च 1999 की प्रथम नियुक्ति वाले टीचर प्रमोशन के लिए बुलाए गए थे। इसमें उच्च प्राथमिक के 115 टीचरों का प्रमोशन प्रधान टीचर के पद पर होना था। काउंसलिंग शुरू होेने से पहले 120 स्कूलों की सूची बाहर लगाई गई।
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बाद में सूची बदली गई । इसमें स्कूलों की संख्या 115 कर दी गई। इससे टीचरों में आक्रोश भी रहा। जूनियर स्कूलों के लिए पांच टीचरों ने काउंसलिंग छोड़ दी।
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प्राइमरी वर्ग की काउंसलिंग के लिए मई 2013 तक तीन साल पूरे करने वाले टीचरों को शामिल किया गया। इसमें 67 टीचरों ने आवेदन किया था। विज्ञान व गणित वर्ग के टीचरों का प्रमोशन उच्च प्राथमिक स्कूल में सहायक टीचर और कला वर्ग के टीचरों का प्राइमरी स्कूलों मे प्रधान टीचर के पद पर प्रमोशन किया गया। देर शाम सभी को नियुक्ति पत्र भी दे दिए गए। काउंसलिंग कराने के लिए बीईओ रंगनाथ चौधरी, अरविंद कुशवाहा को लगाया गया था।
समाप्त हुई रोस्टर प्रक्रिया
काउंसलिंग में हर बार पुरुषों को रोस्टर से स्कूल दिए जाते थे। इससे उन्हें यह पता नहीं चल पाता था कि कौन सा स्कूल मिल रहा है। इस बार बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने रोस्टर प्रक्रिया को समाप्त कर पुरुषों को भी विद्यालय आवंटन का मौका दिया। इससे पुरुष टीचर मन पसंद स्कूल ले पाए।