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न्यायालय का आदेश न मानने पर एडीजीपी को अवमानना की नोटिस
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:31 AM IST
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एडीजीपी को अवमानना की नोटिस
उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली की बेहटा मुजाबर पुलिस चौकी को थाना बनाने का आदेश देने के बाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार से प्रस्ताव मांगा था। उच्च न्यायालय को प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया। इस पर क्षेत्र के अधिवक्ता फारुख अहमद की याचिका पर एडीजीपी को अवमानना नोटिस जारी की गई है।
बांगरमऊ कोतवाली की बेहटामुजाबर पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर थाना बनाए जाने के लिए क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा निवासी व यश भारती से सम्मानित अधिवक्ता फारूख अहमद ने 2014 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।
याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रदेश सरकार को थाना बनाए जाने का आदेश दिया था। प्रदेश सरकार ने अनुमोदन करते हुए 20 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया। 2 करोड़ 66 लाख रुपये वित्त विभाग से उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इस बीच 25 अगस्त 2017 को प्रदेश सरकार ने पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद को पत्र लिखकर बेहटामुजाबर पुलिस चौकी को थाना बनाए जाने का समुचित प्रस्ताव बनाकर शासन को उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए थे। पुलिस मुख्यालय ने प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा। इस पर न्यायालय ने एडीजीपी को अवमानना नोटिस भेजी है।
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- उच्च न्यायालय को प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। बांगरमऊ कोतवाली की बेहटा मुजाबर पुलिस चौकी को थाना बनाने का आदेश देने के बाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार से प्रस्ताव मांगा था। उच्च न्यायालय को प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया। इस पर क्षेत्र के अधिवक्ता फारुख अहमद की याचिका पर एडीजीपी को अवमानना नोटिस जारी की गई है।
बांगरमऊ कोतवाली की बेहटामुजाबर पुलिस चौकी को उच्चीकृत कर थाना बनाए जाने के लिए क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर आंबापारा निवासी व यश भारती से सम्मानित अधिवक्ता फारूख अहमद ने 2014 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी।
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याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रदेश सरकार को थाना बनाए जाने का आदेश दिया था। प्रदेश सरकार ने अनुमोदन करते हुए 20 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया। 2 करोड़ 66 लाख रुपये वित्त विभाग से उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इस बीच 25 अगस्त 2017 को प्रदेश सरकार ने पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद को पत्र लिखकर बेहटामुजाबर पुलिस चौकी को थाना बनाए जाने का समुचित प्रस्ताव बनाकर शासन को उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए थे। पुलिस मुख्यालय ने प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा। इस पर न्यायालय ने एडीजीपी को अवमानना नोटिस भेजी है।
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- उच्च न्यायालय को प्रस्ताव नहीं उपलब्ध कराया गया
अमर उजाला ब्यूरो