{"_id":"5b79af1342c7924674624100","slug":"101534701331-unnao-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ प्रधान व नंदोई पर दुष्कर्म का मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ प्रधान व नंदोई पर दुष्कर्म का मुकदमा
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बीघापुर। थानाक्षेत्र की महिला ने प्रधान व नंदोई पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी लेकिन थाने में कोई कार्रवाई न होने से पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। वहां पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर अब पुलिस ने आरोपियों पर एक माह बाद मुकदमा दर्ज किया है।
बीघापुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्रधान पंकज बाजपेई और अपने नंदोई संतोष पर थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया कि 5 वर्ष पूर्व उसका विवाह हुआ था। 22 अगस्त 2017 को विदेश में उसके पति की मौत हो गई। पीड़िता का कहना है कि नंदोई संतोष व प्रधान पंकज बाजपेई एक दिन मदद के बहाने उसके घर आए। इसके बाद नंदोई संतोष ने उसका मुंह ढक लिया और प्रधान पंकज ने तमंचा लगाकर उसके साथ बलात्कार किया। उसने अपनी सास को पूरी जानकारी दी लेकिन उन्होंने साथ नहीं दिया। 4 जुलाई को वह मौका पाकर मायके पहुंची और माता-पिता को जानकारी दी। थाने में तहरीर देने के बाद 13 जुलाई को पुलिस अधीक्षक से मिली।
इसके बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह मामले को लेकर कोर्ट चली गई। 17 जुलाई को न्यायालय ने मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दिए। न्यायालय के निर्देश के बावजूद भी पुलिस को मुकदमा दर्ज करने में एक माह का समय ले गया। पीड़िता का कहना है कि पुलिस राजनीतिक रसूख वाले आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। थानाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पंकज बाजपेई व संतोष के विरुद्ध सामूहिक बलात्कार व गालीगलौज का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। विवेचनाधिकारी दिनेश सिंह को बनाया गया है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- पीड़िता ने गांव के प्रधान व नंदोई पर लगाए आरोप
विज्ञापन
बीघापुर। थानाक्षेत्र की महिला ने प्रधान व नंदोई पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी लेकिन थाने में कोई कार्रवाई न होने से पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। वहां पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर अब पुलिस ने आरोपियों पर एक माह बाद मुकदमा दर्ज किया है।
बीघापुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्रधान पंकज बाजपेई और अपने नंदोई संतोष पर थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया कि 5 वर्ष पूर्व उसका विवाह हुआ था। 22 अगस्त 2017 को विदेश में उसके पति की मौत हो गई। पीड़िता का कहना है कि नंदोई संतोष व प्रधान पंकज बाजपेई एक दिन मदद के बहाने उसके घर आए। इसके बाद नंदोई संतोष ने उसका मुंह ढक लिया और प्रधान पंकज ने तमंचा लगाकर उसके साथ बलात्कार किया। उसने अपनी सास को पूरी जानकारी दी लेकिन उन्होंने साथ नहीं दिया। 4 जुलाई को वह मौका पाकर मायके पहुंची और माता-पिता को जानकारी दी। थाने में तहरीर देने के बाद 13 जुलाई को पुलिस अधीक्षक से मिली।
विज्ञापन
इसके बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह मामले को लेकर कोर्ट चली गई। 17 जुलाई को न्यायालय ने मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दिए। न्यायालय के निर्देश के बावजूद भी पुलिस को मुकदमा दर्ज करने में एक माह का समय ले गया। पीड़िता का कहना है कि पुलिस राजनीतिक रसूख वाले आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। थानाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पंकज बाजपेई व संतोष के विरुद्ध सामूहिक बलात्कार व गालीगलौज का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। विवेचनाधिकारी दिनेश सिंह को बनाया गया है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- पीड़िता ने गांव के प्रधान व नंदोई पर लगाए आरोप