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समाज कल्याण विभाग में पेंशन के लिए आवेदन करने वालों की बढ़ेंगी मुश्किलें
Updated Wed, 25 Oct 2017 12:14 AM IST
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पेंशन के लिए आवेदकाें की बढ़ेंगी मुश्किलें
उन्नाव। शासन के नए आदेश से पेंशन की आस लगाए बैठे बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अपात्रों को पेंशन दिए जाने की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत आवेदक को अपना आवेदनपत्र जमा करने स्वयं समाज कल्याण विभाग के जिला कार्यालय आना होगा। शारीरिक व उम्र की जांच के बाद ही उनका आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
60 साल से ऊपर वालों को समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है। इन बुजुर्गों को विभाग पेंशन की राशि उनके खातों में पहुंचाता है। अब नए पात्र आवेदकों के सामने शासन के एक आदेश से दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। साथ ही उन्हें पेंशन के लिए लंबी दौड़ और पैसा भी खर्च करना पड़ सकता है। अपात्रों को पेंशन दिए जाने की शिकायतों पर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ब्लाक स्तर पर जमा होने वाले आवेदनपत्रों की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इसके बाद आवेदन से संबंधित सभी कागज जमा करने के लिए समाज कल्याण के जिला कार्यालय आने पड़ेगा। जानकारों की मानें तो शासन का यह आदेश बुजुर्गों के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकता है। 60 साल की उम्र वाले व दूरदराज क्षेत्रों में रहने वालों को जिला मुख्यालय पहुंचने में समय और पैसा दोनों खर्च करना पड़ेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शासन से नई व्यवस्था लागू की गई है।
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ऐसे में उनके स्तर से इसमें कोई सहूलियत नहीं दी जा सकती है। जो भी आवेदन करने आएगा, उसकी शारीरिक और उम्र की जांच के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
विधवा पेंशन में ब्लाक स्तर पर लिए जाते हैं आवेदन
वृद्धावस्था पेंशन में जो नियम लागू किया गया, वह पहले विधवा पेंशन में लागू किया गया था। बाद में इसकी शिकायत शासन तक पहुंची, तो इसमें बदलाव कर दिया गया। अब विधवा पेंशन के आवेदन के लिए आवेदक को जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ती है। ब्लाकस्तर पर एक अधिकारी को आवेदन स्वीकार करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। पेंशन के लिए आने वाले आवेदन को ब्लाक कार्यालय में ही स्वीकार कर लिया जाता है। इससे आवेदनकर्ताओं को जिले पर नहीं आना पड़ता है। बुजुर्गों ने भी ऐसी ही व्यवस्था लागू करने की मांग शासन से की है।
- आवेदकों को स्वयं आना होगा समाज कल्याण के जिला कार्यालय
शारीरिक व उम्र की जांच के बाद ही स्वीकार होगा पेंशन का आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। शासन के नए आदेश से पेंशन की आस लगाए बैठे बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अपात्रों को पेंशन दिए जाने की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत आवेदक को अपना आवेदनपत्र जमा करने स्वयं समाज कल्याण विभाग के जिला कार्यालय आना होगा। शारीरिक व उम्र की जांच के बाद ही उनका आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
60 साल से ऊपर वालों को समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है। इन बुजुर्गों को विभाग पेंशन की राशि उनके खातों में पहुंचाता है। अब नए पात्र आवेदकों के सामने शासन के एक आदेश से दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। साथ ही उन्हें पेंशन के लिए लंबी दौड़ और पैसा भी खर्च करना पड़ सकता है। अपात्रों को पेंशन दिए जाने की शिकायतों पर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ब्लाक स्तर पर जमा होने वाले आवेदनपत्रों की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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इसके बाद आवेदन से संबंधित सभी कागज जमा करने के लिए समाज कल्याण के जिला कार्यालय आने पड़ेगा। जानकारों की मानें तो शासन का यह आदेश बुजुर्गों के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकता है। 60 साल की उम्र वाले व दूरदराज क्षेत्रों में रहने वालों को जिला मुख्यालय पहुंचने में समय और पैसा दोनों खर्च करना पड़ेगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शासन से नई व्यवस्था लागू की गई है।
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ऐसे में उनके स्तर से इसमें कोई सहूलियत नहीं दी जा सकती है। जो भी आवेदन करने आएगा, उसकी शारीरिक और उम्र की जांच के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा।
विधवा पेंशन में ब्लाक स्तर पर लिए जाते हैं आवेदन
वृद्धावस्था पेंशन में जो नियम लागू किया गया, वह पहले विधवा पेंशन में लागू किया गया था। बाद में इसकी शिकायत शासन तक पहुंची, तो इसमें बदलाव कर दिया गया। अब विधवा पेंशन के आवेदन के लिए आवेदक को जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ती है। ब्लाकस्तर पर एक अधिकारी को आवेदन स्वीकार करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है। पेंशन के लिए आने वाले आवेदन को ब्लाक कार्यालय में ही स्वीकार कर लिया जाता है। इससे आवेदनकर्ताओं को जिले पर नहीं आना पड़ता है। बुजुर्गों ने भी ऐसी ही व्यवस्था लागू करने की मांग शासन से की है।
- आवेदकों को स्वयं आना होगा समाज कल्याण के जिला कार्यालय
शारीरिक व उम्र की जांच के बाद ही स्वीकार होगा पेंशन का आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो