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Unnao News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कारावास

Wed, 07 May 2025 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Wed, 07 May 2025 12:14 AM IST
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10 years imprisonment for raping a teenager
उन्नाव। अनुसूचित जाति की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने 10 वर्ष कैद और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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मौरावां थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी ने 17 अप्रैल 2006 को पुलिस को तहरीर दी थी। जिंदाखेड़ा के मजरा गुलरिहा के शेर खां पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। आरोपी पर किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी था। पीड़िता का आरोप था कि शेर खां ने उससे कई बार दुष्कर्म किया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचक तत्कालीन एसआई रूपचंद ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश डॉ. सत्यवान सिंह ने दलील व साक्ष्य के आधार पर शेर खां को दुष्कर्म का दोषी माना। न्यायाधीश ने दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।






आर्म्स एक्ट के दोषी पर जुर्माना



उन्नाव। सफीपुर कोतवाली पुलिस ने 29 जनवरी 2007 को फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के बदलेपुरवा गांव निवासी रामविलास को चाकू के साथ पकड़ा था। आर्म्स एक्ट की धारा में कार्रवाई की थी। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन उपनिरीक्षक अशोक शुक्ला ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। इस दौरान न्यायाधीश ने दलील व साक्ष्य के आधार पर रामविलास को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई। एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, बांगरमऊ पुलिस ने 31 दिसंबर 2011 को क्षेत्र के कबीरपुरवा निवासी अनिरुद्ध कुमार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा में कार्रवाई की थी। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन उपनिरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर छह मई 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने अनिरुद्ध को दोषी माना है। न्यायाधीश ने दोषी पर चार हजार रुपये जुर्माना लगाया है। (संवाद)
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