शादी से बचने के लिए कराया अपहरण!
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ऊर्जा निगम के लापता एसडीओ सचिन कुमार को डेढ़ माह बाद कोतवाली पुलिस ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद से बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि एसडीओ का अपहरण नहीं हुआ था।
शादी से बचने के लिए उसने अपने अपहरण का ड्रामा रचा। एसडीओ सचिन कुमार की 22 फरवरी की शादी थी। सचिन ने 18 फरवरी को अपनी शादी के लिए विभाग से अवकाश ले लिया और ऊर्जा निगम का एक कर्मचारी एसडीओ को गाड़ी से मेरठ छोड़कर आ गया। उसके बाद वह लापता हो गया। तलाश करने के बावजूद कहीं पता नहीं चला।
एसडीओ के पिता सीपी सिंह ने कोतवाली पर अज्ञात लोगों के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से ही पुलिस उसकी बरामदगी के प्रयास में लगी हुई थी। कोतवाली पुलिस को सचिन की औरंगाबाद में होने की सूचना मिली जिस पर पुलिस ने वहां जाकर उसे बरामद किया।
सचिन ने बताया कि मेरठ से वह ट्रैक्सी से दिल्ली जा रहा था। इसी दौरान ट्रैक्सी में सवार दो युवकों ने नशीला पदार्थ दे दिया तभी से दिमागी संतुलन बिगड़ गया।
लड़की के घरवालों ने तोड़ दिया रिश्ता
वहीं, सीओ एनपी सिंह का कहना है कि एसडीओ का अपहरण नहीं हुआ था। उसने शादी से बचने के लिए यह ड्रामा रचा है। सीओ ने बताया कि सचिन सबसे पहले मेरठ गया। वहां से पल्लमपुरम, दिल्ली, कोलकाता, उसके बाद खड़कपुर अपने दोस्त विकास के पास गया। इसके बाद अपने दोस्त के साथ भुवनेश्वर, पुणे गया और वहां से अकेले उड़ीसा, चेन्नई और मुंबई गया।
सचिन का रिश्ता अमरोहा के बसपा नेता हेम सिंह की बेटी के साथ तय हुआ था। हेम सिंह ने बताया कि उन्होंने रिश्ता तोड़ दिया है। अब सचिन से उनका कोई मतलब नहीं है। फिलहाल वह कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।