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मऊ का रहने वाला है आतंकी अफजल
यशोदा श्रीवास्तव, वीरेंद्र चौहान
Updated Sun, 22 Sep 2013 01:08 AM IST
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इंडियन मुजाहिदीन का संदिग्ध आतंकी अफजल उस्मानी के मुंबई की मकोका अदालत से फरार होने की खबर के फौरन बाद मऊ से लेकर नेपाल बार्डर तक की सुरक्षा एजेंसियां सर्तक हो गई हैं।
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मऊ में उसके हर संभावित ठिकानों पर खुफिया तंत्र के लोग नजर रखे हैं। उसके फिर से नेटवर्क खड़ा करने का खतरा है। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ और दिल्ली की खुफिया टीम भी पहुंच गई है।
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अफजल मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के ढिलईफिरोजपुर गांव का रहने वाला है। इसके तीन भाई मुंबई के भिवंडी में रहकर करोबार करते हैं। वर्ष 2005 में यहां एसपी रहे महेश कुमार मिश्र ने बताया कि शुरुआत में वह वाहन चुराता था।
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फिर उसका संपर्क नेपाल में छिपे भारत विरोधियों से हो गया। नेपाल चोरी के वाहनों की खरीद फरोख्त का बड़ा अड्डा है। इस धंधे में भारतीय मूल के एक नेपाली सांसद का बोल बाला रहा है।
सीधे दाउद से जुड़े इस चर्चित सांसद की 1998 में काठमांडू में हत्या हो गई। उसके बाद वाहन चोरी में लिप्त भारत के कई चोरों ने अपना अलग रास्ता चुन लिया। अफजल आईएम का सक्रिय सदस्य बन बैठा। इसका संपर्क जम्मू के श्रीनगर से लेकर नेपाल के काठमांडू तक रहा है।
जाली नोटों का धंधा करने लगा। नेपाल सीमा पर सक्रिय एसएसबी के कमांडेंट अमित शर्मा ने बताया कि अफजल के मुंबई से फरार होने के बाद नेपाल सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
भारत की कुछ सुरक्षा एजेंसियों के नेपाल के पुलिस अफसरों से भी संपर्क साधने की खबर है।
पुणे, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई स्थानों पर सीरियल ब्लास्ट में अफजल का नाम सुर्खियों में रहा है। वह ब्लास्ट के समय चुराई गई लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल करता था।
अगस्त 2008 में पुलिस ने उसके दो साथी ढिलई फिरोजपुर निवासी आबिद और लखनौर निवासी गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया था। उन्हीं के शिनाख्त पर लूट एवं चोरी के कई वाहन भी बरामद किए गए थे।
पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद्र दुबे ने बताया कि अफजल उस्मानी की तलाश में सभी आवश्यक कार्रवाई चल रही है।
मधुबन थाने में दर्ज हैं दो मुकदमे
मधुबन थाने में अफजल उस्मानी के खिलाफ वर्ष 2008 में दो मुकदमे दर्ज हैं। एक मामले में वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। जबकि दूसरा मामला अवैध रूप से हासिल किए गए वाहनों को सीरियल ब्लास्टों में प्रयोग करने का है।