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हफ्ते भर बेखौफ घूमा आतंकी अफजल
अतुल अवस्थी/बहराइच
Updated Wed, 30 Oct 2013 12:48 AM IST
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फखरपुर में आठ दिन तक आतंक का खतरा मंडराता रहा। इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का आतंकी अफजल उस्मानी नाम बदलकर क्षेत्र में बेखौफ घूमता रहा।
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उसने कई लोगों से दोस्ती की और कपड़ों का व्यापार करने के लिए दुकान और कमरा भी किराए पर लिया लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इसके बाद उस्मानी गांव के एक व्यक्ति की रिश्तेदारी में नेपाल चला गया।
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इस बात का खुलासा मंगलवार को तब हुआ जब फखरपुर का तपेहरा निवासी निजामुद्दीन मुंबई से जिले में पहुंचा। वह अफजल के भांजे जावेद का रिश्तेदार है। शनिवार को उसे एटीएस मुंबई साथ ले गई थी।
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निजामुद्दीन मुंबई के मकोका कोर्ट से 20 सितंबर को फरार हुआ, आईएम आतंकी अफजल उस्मानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर होते हुए 17 अक्तूबर की रात बहराइच पहुंचा था। उस रात उसने भांजे जावेद पुत्र नूर हसन निवासी उपधी पट्टी जरवल के घर बिताई।
18 अक्तूबर की दोपहर अफजल सऊदी अरब निवासी वसीम बनकर जावेद के साथ उसके ससुराल फखरपुर के तपेहरा गांव पहुंचा था। यहां जावेद ने अपने साले निजामुद्दीन से आतंकी अफजल की पहचान वसीम के रूप में करवाई। कहा, वसीम रिश्ते में उसका मामा लगता है। वह बहराइच में कपड़े का व्यवसाय करना चाह रहे हैं।
एटीएस मुंबई की गिरफ्तारी से छूटने के बाद मंगलवार सुबह घर पहुंचकर निजामुद्दीन ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उसे नहीं पता था कि बहनोई जावेद जिस व्यक्ति से उसका परिचय करवा रहा है, वह आतंकी है। उसने बताया कि बहनोई जावेद के कहने पर वसीम को फखरपुर ले जाकर मकबूल से परिचय कराया।
लखनऊ-बहराइच मार्ग पर मकबूल की एक दुकान को कपड़े का व्यवसाय करने के लिए अफजल उर्फ वसीम ने किराए पर कमरा लिया। अपने रहने के लिए भी उसी मकान में एक अलग कमरा ले लिया। किराए का यह सौदा 19 अक्तूबर को तय हुआ।
19 से 25 अक्तूबर तक कमरे में रहा
निजामुद्दीन ने बताया कि 19 से 25 अक्तूबर तक दिन में अफजल किराए के कमरे में रहता लेकिन रात में उसके घर आ जाता। इसी बीच अफजल की पहचान तपेहरा निवासी इलियास से हुई।
अफजल को यह भी पता चला कि इलियास की रिश्तेदारी नेपाल में है। इलियास से पता पूछकर कुछ नेपाली कपड़ा खरीदने के बहाने 25 अक्तूबर की दोपहर अफजल नेपाल के टेपरा निवासी इलियास की बहन रुखसार के घर पहुंच गया।
वहीं से एटीएस के अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। पुलिस कप्तान ने बताया कि तहसीन अख्तर को पकड़वाने वाले को दस लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोस्टर के साथ ही कंट्रोल रूम व विभागीय अधिकारियों के नंबर दिए जाएंगे।