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दो वर्ष तक लटकाए रखा 400 करोड़ रुपये का कार्य
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सुल्तानपुर। सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के करीब 400 करोड़ रुपये के कार्य को कार्यदायी संस्था ने करीब दो वर्ष तक लटकाए रखा। कार्य शुरू नहीं होने पर इस मामले में अधिकारियों की ओर से की गई लिखापढ़ी के बाद शासन गंभीर हो गया। शासन की सख्ती पर कार्यदायी संस्था ने एक एजेंसी को कार्य की जिम्मेदारी दी। एजेंसी के कार्य की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी अभी तक सिर्फ 27 गांवों में काम शुरू हो सका है।
जलजीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए शासन की ओर से पहले चरण में जिले की 152 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। चयन के बाद शासन ने जिले में हर घर नल से पानी पहुंचाने के लिए गायत्री प्रोजेक्ट को कार्य सौंपा था। करीब दो वर्ष पहले कार्य पाने के बाद भी कार्यदायी संस्था ने जिले में काम नहीं शुरू करवाया।
कार्यदायी संस्था की ओर से चयनित ग्राम पंचायतों का डीपीआर तैयार करवाने में भी लापरवाही बरती गई। डीएम समेत अन्य अधिकारियों के बार-बार निर्देश के बाद भी कार्यदायी संस्था ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद नाराज अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था के कार्य से शासन को अवगत कराया गया।
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अधिकारियों की ओर से की गई लिखा-पढ़ी के बाद शासन सख्त हो गया। शासन के आदेश पर राज्य स्वच्छता एवं पेयजल मिशन की ओर से कार्यदायी संस्था पर दबाव बनाते हुए एक सब एजेंसी को उतारने का निर्देश दिया। दबाव बढ़ने पर गायत्री प्रोजेक्ट ने मिलेनियम इंफ्रा एंड रियलिटी प्रोजेक्ट लिमिटेड को कार्य में उतारा है।
जलनिगम के सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार ने बताया कि मिलेनियम इंफ्रा ने जिले में जलजीवन मिशन का काम 27 गांवों में शुरू करवा दिया है। नोडल/ परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण राम उदरेज यादव ने बताया कि जलजीवन मिशन के कार्य को गायत्री प्रोजेक्ट की ओर से लटकाए रखा गया था।
जलजीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना के तहत शासन की ओर से पहले चरण में 152 गांवों का चयन किया गया है। इसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था की ओर से अभी तक 124 गांव की कार्ययोजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन व विभाग को भेजी गई है। अभी तक अधिकारियों की संस्तुति पर 58 ग्राम पंचायतों के कार्ययोजना को मंजूरी मिल सकी है। इसके सापेक्ष 27 गांवों में काम शुरू करा दिया गया है।
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जलजीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए शासन की ओर से पहले चरण में जिले की 152 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। चयन के बाद शासन ने जिले में हर घर नल से पानी पहुंचाने के लिए गायत्री प्रोजेक्ट को कार्य सौंपा था। करीब दो वर्ष पहले कार्य पाने के बाद भी कार्यदायी संस्था ने जिले में काम नहीं शुरू करवाया।
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कार्यदायी संस्था की ओर से चयनित ग्राम पंचायतों का डीपीआर तैयार करवाने में भी लापरवाही बरती गई। डीएम समेत अन्य अधिकारियों के बार-बार निर्देश के बाद भी कार्यदायी संस्था ने काम शुरू नहीं किया। इसके बाद नाराज अधिकारियों ने कार्यदायी संस्था के कार्य से शासन को अवगत कराया गया।
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अधिकारियों की ओर से की गई लिखा-पढ़ी के बाद शासन सख्त हो गया। शासन के आदेश पर राज्य स्वच्छता एवं पेयजल मिशन की ओर से कार्यदायी संस्था पर दबाव बनाते हुए एक सब एजेंसी को उतारने का निर्देश दिया। दबाव बढ़ने पर गायत्री प्रोजेक्ट ने मिलेनियम इंफ्रा एंड रियलिटी प्रोजेक्ट लिमिटेड को कार्य में उतारा है।
जलनिगम के सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार ने बताया कि मिलेनियम इंफ्रा ने जिले में जलजीवन मिशन का काम 27 गांवों में शुरू करवा दिया है। नोडल/ परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण राम उदरेज यादव ने बताया कि जलजीवन मिशन के कार्य को गायत्री प्रोजेक्ट की ओर से लटकाए रखा गया था।
जलजीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना के तहत शासन की ओर से पहले चरण में 152 गांवों का चयन किया गया है। इसके सापेक्ष कार्यदायी संस्था की ओर से अभी तक 124 गांव की कार्ययोजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन व विभाग को भेजी गई है। अभी तक अधिकारियों की संस्तुति पर 58 ग्राम पंचायतों के कार्ययोजना को मंजूरी मिल सकी है। इसके सापेक्ष 27 गांवों में काम शुरू करा दिया गया है।