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Sultanpur News: अनुभवहीन फर्म को सौंपा काम, जांच
Fri, 07 Mar 2025 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:06 AM IST
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सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में एजुकेटर भर्ती के जेम पोर्टल से हुए टेंडर में तकनीकी व वित्तीय बिड की जांच में अधिकारियों ने सिर्फ तीन फर्मों को योग्य करार दिया। अन्य इच्छुक फर्मों को खारिज कर एलाक्षी फर्म का चयन किया गया।
फर्म चयन में नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत सलेमपुर के पूर्व भाजपा सांसद रवींदर कुशवाहा ने बेसिक शिक्षा मंत्री से की थी। बावजूद इसके, अनुभवहीन फर्म को 160 एजुकेटर की भर्ती का काम दे दिया गया। डीएम ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
बाल विकास एवं पुष्टहार में 160 पदों पर एजुकेटरों की भर्ती में धनउगाही किए जाने का मुख्य विकास अधिकारी की ओर से खुलासा किए जाने के बाद अब गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। महानिदेशक शिक्षा के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल से एजुकेटरों की भर्ती के लिए टेंडर मांगा था। 162 फर्मों ने टेंडर में हिस्सा लिया था। इसमें एलाक्षी कंपनी को पहले से ही टेंडर देने की योजना बनी थी। इसकी वजह से एक साथ विभिन्न वजह दिखाकर 159 फर्मों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
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दिसंबर में पूर्व सांसद ने की थी शिकायत
सलेमपुर के पूर्व भाजपा सांसद ने बीएसए पर भर्ती में गड़बड़ी व गलत के फर्म के चयन का आरोप लगाते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री को 15 दिसंबर 2024 को पत्र लिखा था। कुछ अन्य ने भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को दबा दिया गया। पूर्व सांसद ने ही एलाक्षी फर्म पर अनुभवहीन व कई शर्तों को पूरी नहीं करने का आरोप लगाया है। सीडीओ के खुलासे के बाद एक के बाद एक खामियां सामने आ रही हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. उपेंद्र गुप्ता का कहना है कि एलाक्षी को कागजातों के आधार पर टेंडर दिया गया था।
अयोग्य करार हो चुकी है फर्म
एजुकेटर भर्ती का टेंडर पाई फर्म एलाक्षी वर्ष 2018 में पंजीकृत हुई थी। इसके बाद उसे वर्ष 2022 तक मैन पावर आपूर्ति जैसा कोई कार्य नहीं मिला। केएनआईटी में वर्ष 2022 में मैन पावर आपूर्ति के टेंडर में एलाक्षी फर्म ने हिस्सा लिया था, लेकिन उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया था। 160 पदों पर भर्ती का टेंडर उसे बेसिक शिक्षा विभाग ने दे दिया।
टेंडर की जांच के लिए निर्देश
जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने बताया कि गड़बड़ी मिलने पर भर्ती निरस्त कर दी गई है। टेंडर में गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसमें गड़बड़ी मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।
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फर्म चयन में नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत सलेमपुर के पूर्व भाजपा सांसद रवींदर कुशवाहा ने बेसिक शिक्षा मंत्री से की थी। बावजूद इसके, अनुभवहीन फर्म को 160 एजुकेटर की भर्ती का काम दे दिया गया। डीएम ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
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बाल विकास एवं पुष्टहार में 160 पदों पर एजुकेटरों की भर्ती में धनउगाही किए जाने का मुख्य विकास अधिकारी की ओर से खुलासा किए जाने के बाद अब गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। महानिदेशक शिक्षा के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल से एजुकेटरों की भर्ती के लिए टेंडर मांगा था। 162 फर्मों ने टेंडर में हिस्सा लिया था। इसमें एलाक्षी कंपनी को पहले से ही टेंडर देने की योजना बनी थी। इसकी वजह से एक साथ विभिन्न वजह दिखाकर 159 फर्मों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
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दिसंबर में पूर्व सांसद ने की थी शिकायत
सलेमपुर के पूर्व भाजपा सांसद ने बीएसए पर भर्ती में गड़बड़ी व गलत के फर्म के चयन का आरोप लगाते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री को 15 दिसंबर 2024 को पत्र लिखा था। कुछ अन्य ने भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को दबा दिया गया। पूर्व सांसद ने ही एलाक्षी फर्म पर अनुभवहीन व कई शर्तों को पूरी नहीं करने का आरोप लगाया है। सीडीओ के खुलासे के बाद एक के बाद एक खामियां सामने आ रही हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. उपेंद्र गुप्ता का कहना है कि एलाक्षी को कागजातों के आधार पर टेंडर दिया गया था।
अयोग्य करार हो चुकी है फर्म
एजुकेटर भर्ती का टेंडर पाई फर्म एलाक्षी वर्ष 2018 में पंजीकृत हुई थी। इसके बाद उसे वर्ष 2022 तक मैन पावर आपूर्ति जैसा कोई कार्य नहीं मिला। केएनआईटी में वर्ष 2022 में मैन पावर आपूर्ति के टेंडर में एलाक्षी फर्म ने हिस्सा लिया था, लेकिन उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया था। 160 पदों पर भर्ती का टेंडर उसे बेसिक शिक्षा विभाग ने दे दिया।
टेंडर की जांच के लिए निर्देश
जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने बताया कि गड़बड़ी मिलने पर भर्ती निरस्त कर दी गई है। टेंडर में गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसमें गड़बड़ी मिलने पर संबंधित पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।