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बच्चों को कुपोषण से कराएंगे मुक्त
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सुल्तानपुर। सोमवार से 30 सितंबर तक चलने वाले पोषण माह में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चे चिह्नित किए जाएंगे। चिह्नित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे। जागरूकता के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित होगी। सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट में पोषण माह का शुभारंभ करने के बाद समीक्षा में इसके निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सी. इंदुमती ने फीता काटकर पोषण माह का शुभारंभ किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक करके पोषण माह में होने वाले कार्यक्रम पर चर्चा की। डीएम ने बताया कि ई-पोषण पंचायत, वेबिनार्स में पोषण विषय पर ऑनलाइन चर्चा व प्रतियोगिता होनी है। अभियान में सहयोग में रहने वाले विभागों को अपनी गतिविधियों की सूचना भारत सरकार के जन आंदोलन डैश बोर्ड साइट पर डालनी होगी। अभियान में बच्चों का वजन किया जाएगा।
आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से एक से पांच वर्ष के बच्चों की जांच करते हुए कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वजन मशीन भी उपलब्ध कराई गई। शासन के निर्देश के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय विद्यालयों व ग्राम पंचायतों की भूमि पर किचन गार्डन विकसित करने पर चर्चा हुई। डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को पोषण का पौध सहजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक को अपने से संबंधित विद्यालयों में पोषण वाटिका विकसित कराने का निर्देश दिया।
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डीएम ने कहा कि बच्चे के जन्म के एक हजार दिवस का महत्व, पोषण युक्त भोजन व स्वच्छता समेत अन्य जानकारियां अभियान में दी जानी है। डीएम ने कलेक्ट्रेट में ही कोरोना संक्रमण के नियंत्रण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संबंधित को अपने दायित्वों के निर्वहन का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स, सीएमओ डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, डीपीओ दिनेश सिंह समेत संबंधित मौजूद रहे।
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कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सी. इंदुमती ने फीता काटकर पोषण माह का शुभारंभ किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक करके पोषण माह में होने वाले कार्यक्रम पर चर्चा की। डीएम ने बताया कि ई-पोषण पंचायत, वेबिनार्स में पोषण विषय पर ऑनलाइन चर्चा व प्रतियोगिता होनी है। अभियान में सहयोग में रहने वाले विभागों को अपनी गतिविधियों की सूचना भारत सरकार के जन आंदोलन डैश बोर्ड साइट पर डालनी होगी। अभियान में बच्चों का वजन किया जाएगा।
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आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ओर से एक से पांच वर्ष के बच्चों की जांच करते हुए कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वजन मशीन भी उपलब्ध कराई गई। शासन के निर्देश के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, परिषदीय विद्यालयों व ग्राम पंचायतों की भूमि पर किचन गार्डन विकसित करने पर चर्चा हुई। डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को पोषण का पौध सहजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक को अपने से संबंधित विद्यालयों में पोषण वाटिका विकसित कराने का निर्देश दिया।
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डीएम ने कहा कि बच्चे के जन्म के एक हजार दिवस का महत्व, पोषण युक्त भोजन व स्वच्छता समेत अन्य जानकारियां अभियान में दी जानी है। डीएम ने कलेक्ट्रेट में ही कोरोना संक्रमण के नियंत्रण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संबंधित को अपने दायित्वों के निर्वहन का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अतुल वत्स, सीएमओ डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, डीपीओ दिनेश सिंह समेत संबंधित मौजूद रहे।