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Sultanpur News: फव्वारा विधि से सिंचाई में होगी पानी की बचत
Fri, 23 May 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 23 May 2025 11:58 PM IST
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कुड़वार के मीरापुर गांव में किसान रियाज के खेत में लगे फव्वारा सिंचाई उपकरण का निरीक्षण करते उद
सुल्तानपुर। किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शासन ने उद्यान विभाग को 2100 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए माइक्रो इरीगेशन सिस्टम लगाने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए किसानों को ड्रिप इरीगेशन, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और रेनगन स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर 65 से 90 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी।
फव्वारा विधि से फसलों की सिंचाई करने में पानी बर्बादी नहीं होगी। साथ ही फसल की उत्पादकता भी बेहतर होगी। उद्यान विभाग के मुताबिक अब तक 1100 हेक्टेयर के लिए किसानों ने सिंचाई उपकरण के लिए पंजीकरण कराया है।
उद्यान विभाग की ओर से संचालित ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ माइक्रोइरीगेशन के तहत शासन से 2025-26 का लक्ष्य आ गया है। इसके अंतर्गत जिले में 2100 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और रेनगन स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे। खेतों में यह उकरण स्थापित कराने वाले किसानों को सरकार 65 से 90 फीसदी अनुदान देगी। माइक्रो इरीगेशन सिस्टम में ड्रिप सिंचाई, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकल, रेनगन स्प्रिंकल उपकरणों को लगाने से फसलों की सिंचाई में पानी की बचत होगी और पैदावार अच्छी होगी।
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वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने बताया कि सिंचाई उपकरण के लिए किसान 4 से पांच हेक्टेयर तक लाभ ले सकता है। अब तक 1100 हेक्टेयर के लिए किसानों ने पंजीयन करा लिया है। इसमें 1000 किसानों का स्वीकृत हो गया है। इसके अलावा 400 हेक्टेयर के लिए कृषक अंश भी जमा हो गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए करें ऑनलाइन आवेदन
जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना में ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर लघु और सीमांत किसानों को 90 फीसदी, अन्य किसानों को 80 फीसदी अनुदान मिलेगा। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाएगा।
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फव्वारा विधि से फसलों की सिंचाई करने में पानी बर्बादी नहीं होगी। साथ ही फसल की उत्पादकता भी बेहतर होगी। उद्यान विभाग के मुताबिक अब तक 1100 हेक्टेयर के लिए किसानों ने सिंचाई उपकरण के लिए पंजीकरण कराया है।
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उद्यान विभाग की ओर से संचालित ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ माइक्रोइरीगेशन के तहत शासन से 2025-26 का लक्ष्य आ गया है। इसके अंतर्गत जिले में 2100 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और रेनगन स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे। खेतों में यह उकरण स्थापित कराने वाले किसानों को सरकार 65 से 90 फीसदी अनुदान देगी। माइक्रो इरीगेशन सिस्टम में ड्रिप सिंचाई, मिनी स्प्रिंकलर, पोर्टेबल स्प्रिंकल, रेनगन स्प्रिंकल उपकरणों को लगाने से फसलों की सिंचाई में पानी की बचत होगी और पैदावार अच्छी होगी।
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वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पवन कुमार सिंह ने बताया कि सिंचाई उपकरण के लिए किसान 4 से पांच हेक्टेयर तक लाभ ले सकता है। अब तक 1100 हेक्टेयर के लिए किसानों ने पंजीयन करा लिया है। इसमें 1000 किसानों का स्वीकृत हो गया है। इसके अलावा 400 हेक्टेयर के लिए कृषक अंश भी जमा हो गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए करें ऑनलाइन आवेदन
जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना में ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर लघु और सीमांत किसानों को 90 फीसदी, अन्य किसानों को 80 फीसदी अनुदान मिलेगा। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाएगा।