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Sultanpur News: 100 सैंपल की जांच में पानी की रिपोर्ट सामान्य
Sun, 11 Jan 2026 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:40 PM IST
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नगर पालिका स्थित नलकूप के पास लगी डोजर मशीन। स्रोत-नगर पालिका
सुल्तानपुर। इंदौर में हुई घटना के बाद शहर में स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत नगर पालिका द्वारा किए गए जल परीक्षणों में 100 से अधिक नमूनों की रिपोर्ट सामान्य पाई गई है। नगर पालिका ने जलापूर्ति की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। शहर के 27 नलकूपों में डोजर मशीनें लगाई गईं।
शहर की लगभग दो लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति को पांच जोन में विभाजित किया है। इस व्यवस्था के तहत, शहर के 27 नलकूपों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इन नलकूपों पर 27 डोजर मशीनें स्थापित की गई हैं, जो निर्धारित अनुपात में क्लोरीन युक्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं। इन मशीनों के संचालन की जिम्मेदारी पाइपलाइन फिटर को सौंपी गई है। डोजर और क्लोरीनेशन जैसी तकनीकों का उपयोग करके पानी की सप्लाई लाइनों में अशुद्धियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
नगर पालिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल मिले, हर वार्ड से पानी के नमूनों का संग्रह शुरू किया है। प्रत्येक वार्ड में टीम लगी हुई है। इन नमूनों को जल निगम की प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में पानी के ओटी (ऑर्थोटोलिडाइन टेस्ट), बैक्टिरियोलॉजिकल और आर्सेनिक जैसे विभिन्न परीक्षण किए जा रहे हैं। इन परीक्षणों का उद्देश्य पानी में किसी भी प्रकार की अशुद्धि, बैक्टीरिया या हानिकारक रासायनिक तत्वों की उपस्थिति का पता लगाना है।
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शहर की लगभग दो लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति को पांच जोन में विभाजित किया है। इस व्यवस्था के तहत, शहर के 27 नलकूपों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इन नलकूपों पर 27 डोजर मशीनें स्थापित की गई हैं, जो निर्धारित अनुपात में क्लोरीन युक्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं। इन मशीनों के संचालन की जिम्मेदारी पाइपलाइन फिटर को सौंपी गई है। डोजर और क्लोरीनेशन जैसी तकनीकों का उपयोग करके पानी की सप्लाई लाइनों में अशुद्धियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
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नगर पालिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल मिले, हर वार्ड से पानी के नमूनों का संग्रह शुरू किया है। प्रत्येक वार्ड में टीम लगी हुई है। इन नमूनों को जल निगम की प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में पानी के ओटी (ऑर्थोटोलिडाइन टेस्ट), बैक्टिरियोलॉजिकल और आर्सेनिक जैसे विभिन्न परीक्षण किए जा रहे हैं। इन परीक्षणों का उद्देश्य पानी में किसी भी प्रकार की अशुद्धि, बैक्टीरिया या हानिकारक रासायनिक तत्वों की उपस्थिति का पता लगाना है।
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