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संसाधनों के अभाव में फेल हुईं वर्चुअल क्लासेज

Tue, 01 Sep 2020 09:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 09:15 PM IST
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Virtual classes fail due to lack of resources
सुल्तानपुर। सरकारी दावे और आंकड़ों पर भले ही ऑनलाइन/वर्चुअल क्लासेज की सफलता के गुणगान हो रहे हों, पर इसकी जमीनी हकीकत ठीक उलट है। संसाधनों के अभाव में दो तिहाई से अधिक बच्चे वर्चुअल क्लासेज से नहीं जुड़ पाए हैं। जो जुड़ने का प्रयास भी कर रहे हैं, उनके लिए मोबाइल नेटवर्क की खराबी व बिजली की समस्या बाधा बन रही है।
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जिले में परिषदीय प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के कुल 2347 विद्यालय संचालित हैं। साथ ही वित्तविहीन मान्यता प्राप्त लगभग डेढ़ हजार विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा यूपी बोर्ड से जुुड़े माध्यमिक स्तर के 334 विद्यालय चल रहे हैं।
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माध्यमिक विद्यालयों के लिए शासन की ओर से दूरदर्शन व स्वयंप्रभा चैनल पर वीडियो क्लिप के माध्यम से वर्चुअल क्लासेज चलाई जा रही है। साथ ही विद्यालय स्तर पर व्हाट्स एप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण कराया जा रहा है लेकिन ब़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के पास न एंड्रायड फोन है और न ही ऑनलाइन क्लास संचालन के लिए बेहतर नेटवर्क है।
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ऐसे में छात्र-छात्राओं के समक्ष ऑनलाइन व वर्चुअल क्लासेज से जुड़ने की चुनौती है। कुछ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने बताया कि पंजीकृत छात्र-छात्राओं के सापेक्ष ऑनलाइन क्लासेज के लिए बनाए गए व्हाट्स एप ग्रुप से सिर्फ 25 फीसदी बच्चे ही जुड़े हैं। 75 फीसदी बच्चों के पास संसाधन ही नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत और भी ज्यादा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत अधिकांश बच्चों के पास एंड्रायड फोन नहीं है। इसकी वजह से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कुछ शिक्षक अपने प्रयास से अभिभावकों को जागरूक करते हुए ऑनलाइन शिक्षण की सुविधा दे रहे हैं लेकिन उनकी संख्या पांच फीसदी भी नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मोतिगरपुर कस्बे के निवासी अंकित अग्रहरि सरस्वती विद्या मंदिर में 12वीं के छात्र हैं। अंकित बताते हैं कि कोरोना की वजह से बाधित पढ़ाई के बदले ऑनलाइन क्लास चलाई जा रही है लेकिन नेटवर्क की समस्या की वजह से दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
रुक-रुककर नेट चलने से चीजें ठीक से समझ में नहीं आ रही हैं। एसएन पब्लिक स्कूल शाहपुर लपटा के पांचवीं के छात्र अंश पांडेय बताते हैं कि नेटवर्क खराब रहता है। राजकीय आश्रम पद्घति इंटरमीडिएट कॉलेज मलिकपुर बखरा के हाईस्कूल के छात्र निखिल पांडेय ने बताया कि हमारे यहां ऑनलाइन कक्षाएं शुरू ही नहीं हो सकी हैं।

प्राथमिक विद्यालय कुड़वार प्रथम की छात्रा महनूर बानो व कक्षा आठ की छात्रा सहर बानो के पास संसाधन ही उपलब्ध नहीं है। कुड़वार के बीपी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट के 66 बच्चों के सापेक्ष मात्र 23 बच्चे वर्चुअल क्लास में हिस्सा ले रहे हैं।
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