फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Uproar over cut in teachers' salaries

Sultanpur News: शिक्षकों के वेतन में कटौती पर हंगामा

Fri, 03 Nov 2023 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Fri, 03 Nov 2023 11:51 PM IST
विज्ञापन
Uproar over cut in teachers' salaries
सुल्तानपुर के सरस्वती विद्या मंदिर ​विद्यालय के अंदर हंगामे के दौरान ​शिक्षक व पदा​धिकारियों से
सुल्तानपुर। शिक्षकों के वेतन में कटौती किए जाने से शुक्रवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद नगर में हंगामा खड़ा हो गया। सुबह नौ बजे ही सारे शिक्षक धरने पर बैठ गए। विद्यार्थी शिक्षकों के समर्थन में उतर आए। कई घंटे तक विद्यालय में हंगामा चलता रहा। इस दौरान गेट बंद कर सारे प्रवेश बंद कर दिए गए। बाद में जब प्रबंधन ने काटा हुआ वेतन बहाल करने की मांग स्वीकार की, तब जाकर शिक्षक और छात्र शांत हुए।
विज्ञापन



सरस्वती विद्या मंदिर में शुक्रवार सुबह नौ बजे सारे शिक्षक धरने पर बैठ गए। नाराज शिक्षकों ने विद्यालय प्रांगण में विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। महिला शिक्षक भी विरोध में शामिल रहीं। हंगामा उस समय बढ़ा जब विद्यार्थियों ने शिक्षकों के समर्थन में स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्य के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रधानाचार्य के रवैये से विद्यार्थियों में जबरदस्त गुस्सा दिखा।
विज्ञापन



विद्यालय भवन की पहली मंजिल से कुछ छात्रों ने कुर्सियों को हवा में उछाला तो कुछ विद्यार्थियों ने प्लास्टिक की बाल्टी पर अपना गुस्सा उतारा। आक्रोशित छात्रों की मांग थी कि प्रधानाचार्य को बदला जाए। इनका कहना रहा कि छात्रों ही नहीं, अभिभावकों से भी प्रधानाचार्य का रवैया बहुत खराब रहता है। वहीं शिक्षक तत्काल पुराना वेतन देने की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



परिसर में बैठे शिक्षकों ने प्रबंधन से बात नहीं की। करीब 10.30 बजे बाल कल्याण समिति के मंत्री एचडी राम आए तो शिक्षकों ने उनसे साफ कहा कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाना चाहिए। कटौती ठीक नहीं है। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी प्रधानाचार्य के बर्ताव को लेकर शिकायत की।


एचडी राम ने विद्यालय प्रबंधन से बात कर शिक्षकों की मांगों के बारे में बताया। दो घंटे तक चले इस हंगामे के बाद विद्यालय प्रबंधन को शिक्षकों की मांगें माननी पड़ीं। तब कहीं जाकर शिक्षक शांत हुए। शिक्षकों के समझाने के बाद विद्यार्थी अपनी कक्षाओं में जाने को तैयार हुए।



विद्यालय के गेट रहे बंद
शुक्रवार को नौ बजे गेट अंदर से बंद रहा। शुक्रवार को ही विद्यालय में नौंवी के विद्यार्थियों की एनसीआईटी का स्टेट एजुकेशन एचीवमेंट सर्वे होना था। इसके लिए डायट की दिशा सिंह को फील्ड इंवेस्टिगेटर नियुक्त किया गया था। दिशा ने बताया कि सुबह नौ बजे से ही गेट बंद है। अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। बच्चों का सर्वे होना है। करीब 10:30 पर जब बाल कल्याण समिति के मंत्री एचडी राम पहुंचे तो गेट खुला और दिशा विद्यालय में प्रवेश कर सकीं। शुभी मिश्रा भी विद्यालय के बाहर खड़ी रहीं। वह अपनी मार्क्सशीट लेने पहुंची थीं लेकिन शुभी को भी खाली हाथ वापस जाना पड़ा।



पर्दा डालने में जुटा रहा प्रबंधन
विद्यामंदिर के इतिहास में शायद कभी इतना बड़ा हंगामा परिसर में नहीं हुआ था। इसलिए विद्यालय प्रबंधन मामले को छिपाने में लगा रहा। जब यह हंगामा चल रहा था, उस वक्त प्रबंधक डॉ. पवन सिंह ने सिर्फ इतना कहा कि वेतन रिलीज करवाया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने बात करने से मना कर दिया। इसके बाद जब प्रधानाचार्य बलवंत सिंह से मोबाइल पर विद्यालय प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मोबाइल एक कर्मचारी को थमा दिया। जो इसे सामान्य घटनाक्रम और परिवार का आंतरिक मामला बताते रहे।





शोर सुनकर आसपास के लोग अचंभित
विद्यालय में जो हंगामा और नारेबाजी हुई, उसका शोर आसपास भी सुनाई दे रहा था। ऐसे में लोग हैरान थे और जानना चाह रहे थे कि अंदर क्या चल रहा है किंतु गेट बंद होने के कारण लोग अंदर जा नहीं सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed