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ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे नौनिहाल
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बिना यूनिफॉर्म और स्वेटर के परिषदीय विद्यालय में बैठे बच्चे।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। ठंड जोर पकड़ रही है। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अभी तक स्वेटर नसीब नहीं हुआ है। लगभग पौने दो लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में अभी भी डीबीटी के जरिए धनराशि नहीं पहुंची है। उनमें से अधिकांश ने बच्चों के लिए स्वेटर क्रय नहीं किए हैं।
जिले के 2195 विद्यालयों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसमें परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में जूनियर स्तर तक अध्ययनरत विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले सालों में यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूल बैग सीधे विद्यार्थियों को मिल जाया करते थे। इस बार शासन ने अभिभावकों के खाते में 1100-1100 रुपये भेजने का नियम तय किया है।
पहली किस्त में एक लाख 27 हजार 315 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी भी गई है। अभी भी लगभग पौने दो लाख विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनके अभिभावकों के खाते में पैसा नहीं आया है। इस वजह से विद्यार्थियों को स्वेटर भी नहीं मिल सका है। स्वेटर नहीं होने से ठंड में ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों की दुश्वारियां और बढ़ेंगी।
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जिले के 2195 विद्यालयों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसमें परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में जूनियर स्तर तक अध्ययनरत विद्यार्थी शामिल हैं। पिछले सालों में यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूल बैग सीधे विद्यार्थियों को मिल जाया करते थे। इस बार शासन ने अभिभावकों के खाते में 1100-1100 रुपये भेजने का नियम तय किया है।
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पहली किस्त में एक लाख 27 हजार 315 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी भी गई है। अभी भी लगभग पौने दो लाख विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनके अभिभावकों के खाते में पैसा नहीं आया है। इस वजह से विद्यार्थियों को स्वेटर भी नहीं मिल सका है। स्वेटर नहीं होने से ठंड में ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों की दुश्वारियां और बढ़ेंगी।
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