{"_id":"5d49b9d28ebc3e6cba54c3c1","slug":"two-junior-high-schools-will-become-smart-schools-in-every-block-sultanpur-news-lko4750362127","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर ब्लॉक में दो जूनियर हाईस्कूलों को बनाया जाएगा स्मार्ट विद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर ब्लॉक में दो जूनियर हाईस्कूलों को बनाया जाएगा स्मार्ट विद्यालय
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिले के सभी ब्लॉकों में कम से कम दो-दो जूनियर हाईस्कूलों को स्मार्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन विद्यालयों में भौतिक संसाधनों के साथ-साथ शैक्षिक गुणवत्ता पर भी जोर दिया जाएगा। बच्चों को कंप्यूटर संचालन में भी दक्ष किया जाएगा।
जिले में मौजूदा समय में 611 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित-विज्ञान शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। हर जूनियर हाईस्कूल में कंप्यूटर सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है।
सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो ऐसे जूनियर हाईस्कूल हों, जहां कंप्यूटर आधारित शिक्षा बच्चों को दी जा रही हो।
विद्यालय में फर्नीचर, विद्युतीकरण, पेयजल सुविधा, प्रसाधन व कंप्यूटर मौजूद हों ताकि बच्चों को पढ़ाई का उचित माहौल दिया जा सके। स्मार्ट विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर उच्चतम रखना स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
शासन के निर्देश पर जिले से तीन स्मार्ट विद्यालयों का नाम भेजा गया है। इसमें प्राथमिक विद्यालय मसुरन, उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर व धरावां शामिल है।
विज्ञापन
अखंडनगर विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मसुरन में रवि गुप्ता ने अपनी मेहनत से स्कूल का कायाकल्प कराया है। भदैंया विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर को शिक्षक मुनेंद्र मिश्र ने नई ऊचाइयों पर पहुंचाया है। कुड़वार विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय धरावां की शिक्षिका अर्सला मसूद ने स्कूल की दशा सुधारी है।
अपनी मेहनत एवं नवाचार से विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने वाले शिक्षकों से अन्य अध्यापकों को भी सीख लेनी चाहिए। शासन के निर्देश पर शिक्षा कायाकल्प योजना के अंतर्गत ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव का सहयोग लेकर विद्यालय का विकास कराया जा रहा है। जल्द ही जिले से कई अन्य स्कूल भी स्मार्ट विद्यालय की श्रेणी में आएंगे।
-डॉ. शरद सिंह, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
विज्ञापन
इन विद्यालयों में भौतिक संसाधनों के साथ-साथ शैक्षिक गुणवत्ता पर भी जोर दिया जाएगा। बच्चों को कंप्यूटर संचालन में भी दक्ष किया जाएगा।
जिले में मौजूदा समय में 611 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित-विज्ञान शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। हर जूनियर हाईस्कूल में कंप्यूटर सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है।
सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो ऐसे जूनियर हाईस्कूल हों, जहां कंप्यूटर आधारित शिक्षा बच्चों को दी जा रही हो।
विद्यालय में फर्नीचर, विद्युतीकरण, पेयजल सुविधा, प्रसाधन व कंप्यूटर मौजूद हों ताकि बच्चों को पढ़ाई का उचित माहौल दिया जा सके। स्मार्ट विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का शैक्षिक स्तर उच्चतम रखना स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर जिले से तीन स्मार्ट विद्यालयों का नाम भेजा गया है। इसमें प्राथमिक विद्यालय मसुरन, उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर व धरावां शामिल है।
विज्ञापन
अखंडनगर विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मसुरन में रवि गुप्ता ने अपनी मेहनत से स्कूल का कायाकल्प कराया है। भदैंया विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर को शिक्षक मुनेंद्र मिश्र ने नई ऊचाइयों पर पहुंचाया है। कुड़वार विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय धरावां की शिक्षिका अर्सला मसूद ने स्कूल की दशा सुधारी है।
अपनी मेहनत एवं नवाचार से विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने वाले शिक्षकों से अन्य अध्यापकों को भी सीख लेनी चाहिए। शासन के निर्देश पर शिक्षा कायाकल्प योजना के अंतर्गत ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव का सहयोग लेकर विद्यालय का विकास कराया जा रहा है। जल्द ही जिले से कई अन्य स्कूल भी स्मार्ट विद्यालय की श्रेणी में आएंगे।
-डॉ. शरद सिंह, जिला समन्वयक प्रशिक्षण