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Sultanpur News: हवा और बारिश से आफत, खेतों में बिछी सैकड़ों बीघे गेहूं की फसल
Sun, 02 Mar 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 02 Mar 2025 12:50 AM IST
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हवा और बारिश से गिरी गेहूं की फसल
सुल्तानपुर। जिले में शनिवार भोर मौसम के बदले मिजाज से गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हुई। हवा के चलने से किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की अगेती फसल गिर गई। किसानों काे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज और चमक के साथ बारिश होने की आशंका जताई है।
शुक्रवार को पूरे दिन खुलकर धूप नहीं निकल सकी। अधिकतम तापमान में गिरावट तो न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से दिन की अपेक्षा रात की गर्मी बढ़ गई है। मौसम का बदला रुख शनिवार भोर किसानों के लिए भारी पड़ गया। जिले के अधिकांश हिस्सों में पांच से दस मिनट के लिए सिर्फ बूंदाबांदी हुई। इसके इतर दूबेपुर विकास खंड के ज्यादातर इलाकों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हुई। तेज हवा के साथ करीब 15 मिनट तक हुई बारिश से किसानों की खेत में खड़ी अगेती गेहूं की फसल खेत में गिर गई।
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 4.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। उत्तरी-पूर्वी हवा की गति 2.2 किमी प्रति घंटा रही।
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फसल से लागत भी निकलना मुश्किल
अलीगंज क्षेत्र के किसान हिमांशु शर्मा ने बताया कि उन्होंने आठ बीघा में अगेती गेहूं की बोआई की थी। इसमें 25,000 रुपये खर्च आया था। पूरी फसल गिरने से पैदावार पर असर पड़ेगा। अब लगता है कि लागत भी नहीं निकल पाएगी। किसान राज देव दुबे ने कहा कि धनिया और सरसों की फसल खराब हुई है। ढाई बीघा गेहूं बोया था, तेज हवा से गिर गया है। किसान चंदन कुमार ने बताया कि गेहूं की अगेती डेढ़ बीघा फसल तेज हवा और बारिश से खेत में गिर गई है। सालभर की गृहस्थी तेज हवा के झोंके से पल भर में बर्बाद हो गई।
फसल गिरने से हल्का होगा दाना
कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार भोर तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश से किसानों का नुकसान हुआ है। जिन किसानों की गेहूं की फसल खेत में गिर गई है, उनके दाने हल्के हो जाएंगे। साथ ही पैदावार पर भी असर पड़ेगा। अरहर की फली में छेदा लगने की संभावना बढ़ जाएगी।
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शुक्रवार को पूरे दिन खुलकर धूप नहीं निकल सकी। अधिकतम तापमान में गिरावट तो न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से दिन की अपेक्षा रात की गर्मी बढ़ गई है। मौसम का बदला रुख शनिवार भोर किसानों के लिए भारी पड़ गया। जिले के अधिकांश हिस्सों में पांच से दस मिनट के लिए सिर्फ बूंदाबांदी हुई। इसके इतर दूबेपुर विकास खंड के ज्यादातर इलाकों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हुई। तेज हवा के साथ करीब 15 मिनट तक हुई बारिश से किसानों की खेत में खड़ी अगेती गेहूं की फसल खेत में गिर गई।
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आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 4.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़त रही। उत्तरी-पूर्वी हवा की गति 2.2 किमी प्रति घंटा रही।
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फसल से लागत भी निकलना मुश्किल
अलीगंज क्षेत्र के किसान हिमांशु शर्मा ने बताया कि उन्होंने आठ बीघा में अगेती गेहूं की बोआई की थी। इसमें 25,000 रुपये खर्च आया था। पूरी फसल गिरने से पैदावार पर असर पड़ेगा। अब लगता है कि लागत भी नहीं निकल पाएगी। किसान राज देव दुबे ने कहा कि धनिया और सरसों की फसल खराब हुई है। ढाई बीघा गेहूं बोया था, तेज हवा से गिर गया है। किसान चंदन कुमार ने बताया कि गेहूं की अगेती डेढ़ बीघा फसल तेज हवा और बारिश से खेत में गिर गई है। सालभर की गृहस्थी तेज हवा के झोंके से पल भर में बर्बाद हो गई।
फसल गिरने से हल्का होगा दाना
कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार भोर तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश से किसानों का नुकसान हुआ है। जिन किसानों की गेहूं की फसल खेत में गिर गई है, उनके दाने हल्के हो जाएंगे। साथ ही पैदावार पर भी असर पड़ेगा। अरहर की फली में छेदा लगने की संभावना बढ़ जाएगी।