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शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को किया नमन
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सुल्तानपुर। अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर बुधवार को विविध कार्यक्रम हुए। संगठनों ने शहर में प्रभातफेरी व जुलूस निकाला। शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर गोष्ठी आयोजित की। आजाद समाज सेवा समिति के 21 पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने क्रांतिकारियों की जीवनी से प्रेरणा लेने का संकल्प दोहराया।
आजाद समाज सेवा समिति के तत्वावधान में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के बलिदान दिवस पर जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला चिकित्सालय के प्रभारी मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एसके गोयल व ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. आरके मिश्र ने शहीद-ए-आजम के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
वरिष्ठ समाजसेवी करतार केशव यादव ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने मात्र 20 से 23 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए हंसते हुए फांसी के फंदे को चूमा था। आज के युवाओं को ऐसे वीर सपूतों के जीवन से सीख लेने की जरूरत है। संस्था के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। रक्तदान से किसी भी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से रक्तदान करने के लिए आह्वान किया।
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शिविर में संस्था के शैलेश वर्मा, सुरेश सोनी, पवन शर्मा, संदीप तिवारी, मकसूद अहमद, शाहरुख खान, नवीन कुमार, मयंक पांडेय, दिनेश यादव, जयप्रकाश सिंह, विनोद रावत, अमित शर्मा, सौरभ मिश्रा, सुमित तिवारी, अंजनी कुमार जयसवाल, सरदार जितेंद्र पाल सिंह, सुमित यादव, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद साहिबान, जितेंद्र धुरिया समेत 21 पदाधिकारियों ने रक्तदान किया। इस मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष दिलीप सिंह, महामंत्री मकसूद अंसारी, कोषाध्यक्ष श्याम नारायण पांडेय, संगठन मंत्री गिरीश तिवारी, अरविंद यादव, प्रवक्ता सर्वेश कुमार सिंह, हाफिज अहमद, सुमित जायसवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और भारत की जनवादी नवजवान सभा (डीवाईएफआई) ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत को याद करते हुए बस स्टेशन स्थित कार्यालय से जुलूस निकाला। जिला पंचायत परिसर में भगत सिंह और आजाद पार्क स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
आयोजित गोष्ठी में एसएफआई के प्रदेश सचिव विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि भगत सिंह एक समाजवादी विचारक थे जो क्रांति की मुख्य ताकतों के रूप में श्रमिकों और किसानों को संगठित कर भारत में समाजवादी क्रांति लाने के बारे में एक स्पष्ट मार्क्सवादी दृष्टिकोण रखते थे। भारत की जनवादी नवजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष शशांक पांडेय ने कहा कि वर्तमान दौर में भगत सिंह के नाम का उपयोग राजनीतिक दल अपनी सुविधा अनुसार करते हैं और समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
एसएफआई के जिलाध्यक्ष पार्थ सारथी द्विवेदी ने कहा कि भगत सिंह के हर एक भाषण और लेख में किसानों, मजदूरों, बुनकरों, मजलूमों की बात दिखती है। इस मौके पर राज्य संयुक्त सचिव राजीव तिवारी, विशाल श्रीवास्तव, सलिल धुरिया, प्रशांत द्विवेदी व शिवम, समेत कई लोग मौजूद रहे।
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आजाद समाज सेवा समिति के तत्वावधान में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के बलिदान दिवस पर जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला चिकित्सालय के प्रभारी मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एसके गोयल व ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. आरके मिश्र ने शहीद-ए-आजम के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
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वरिष्ठ समाजसेवी करतार केशव यादव ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने मात्र 20 से 23 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए हंसते हुए फांसी के फंदे को चूमा था। आज के युवाओं को ऐसे वीर सपूतों के जीवन से सीख लेने की जरूरत है। संस्था के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है। रक्तदान से किसी भी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से रक्तदान करने के लिए आह्वान किया।
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शिविर में संस्था के शैलेश वर्मा, सुरेश सोनी, पवन शर्मा, संदीप तिवारी, मकसूद अहमद, शाहरुख खान, नवीन कुमार, मयंक पांडेय, दिनेश यादव, जयप्रकाश सिंह, विनोद रावत, अमित शर्मा, सौरभ मिश्रा, सुमित तिवारी, अंजनी कुमार जयसवाल, सरदार जितेंद्र पाल सिंह, सुमित यादव, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद साहिबान, जितेंद्र धुरिया समेत 21 पदाधिकारियों ने रक्तदान किया। इस मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष दिलीप सिंह, महामंत्री मकसूद अंसारी, कोषाध्यक्ष श्याम नारायण पांडेय, संगठन मंत्री गिरीश तिवारी, अरविंद यादव, प्रवक्ता सर्वेश कुमार सिंह, हाफिज अहमद, सुमित जायसवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और भारत की जनवादी नवजवान सभा (डीवाईएफआई) ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत को याद करते हुए बस स्टेशन स्थित कार्यालय से जुलूस निकाला। जिला पंचायत परिसर में भगत सिंह और आजाद पार्क स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
आयोजित गोष्ठी में एसएफआई के प्रदेश सचिव विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि भगत सिंह एक समाजवादी विचारक थे जो क्रांति की मुख्य ताकतों के रूप में श्रमिकों और किसानों को संगठित कर भारत में समाजवादी क्रांति लाने के बारे में एक स्पष्ट मार्क्सवादी दृष्टिकोण रखते थे। भारत की जनवादी नवजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष शशांक पांडेय ने कहा कि वर्तमान दौर में भगत सिंह के नाम का उपयोग राजनीतिक दल अपनी सुविधा अनुसार करते हैं और समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
एसएफआई के जिलाध्यक्ष पार्थ सारथी द्विवेदी ने कहा कि भगत सिंह के हर एक भाषण और लेख में किसानों, मजदूरों, बुनकरों, मजलूमों की बात दिखती है। इस मौके पर राज्य संयुक्त सचिव राजीव तिवारी, विशाल श्रीवास्तव, सलिल धुरिया, प्रशांत द्विवेदी व शिवम, समेत कई लोग मौजूद रहे।