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Sultanpur News: 300 करोड़ से बनेंगे तीन आयुर्वेदिक अस्पताल
Mon, 19 Feb 2024 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 19 Feb 2024 01:23 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में करीब 300 करोड़ रुपये से तीन आयुर्वेदिक अस्पताल बनेंगे। शासन ने धनराशि स्वीकृत करते हुए भूमि का विवरण मांगा है। अब अस्पताल के जल्द निर्माण की उम्मीद बढ़ गई है।
जनप्रतिनिधियों व विभाग की मांग पर मुख्यमंत्री ने करीब दो साल पहले शहर से सटे दूबेपुर विकास खंड के दिखौली गांव में राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास जिला आयुर्वेदिक अस्पताल समेत दो अन्य आयुर्वेदिक अस्पतालों के निर्माण की मंजूरी दी थी। स्वीकृति के साथ ही शासन ने जिलाधिकारी को भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया था।
इस पर तत्कालीन डीएम ने दूबेपुर के दिखौली गांव में 25 बेड के जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए एक हेक्टेयर व अखंडनगर के रुपईपुर व पीपीकमैचा के चितावनपुर में चार-चार बेड वाले आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए एक चौथाई हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। तब से मामला लंबित चल रहा था।
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पैरोकारी के बाद शासन ने तीनों अस्पतालों के निर्माण के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर निदेशक आयुर्वेदिक पीसी सक्सेना ने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से भूमि का विवरण फोटो समेत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही शासन ने अस्पताल निर्माण के लिए उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया है।
भूमि का विवरण मांगे जाने व बजट की स्वीकृति के साथ कार्यदायी संस्था नामित कर दिए जाने से अस्पतालों का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। शहर के पास निर्माण से आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों को लाभ मिल सकेगा। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अनीता गुप्ता ने बताया कि निदेशक भूमि का विवरण बृहस्पतिवार को भेज दिया गया। जल्द निर्माण शुरू हो सकता है।
अभी तक किराये के भवन में शहर में हो रहा संचालन
शहर का जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के पास अभी तक अपना भवन नहीं था। शुरू से ही अस्पताल किराये के भवन में संचालित हो रहा है। करीब तीन साल पहले किराये का भवन बदलने से बेड की भी सुविधा नहीं रही। आयुर्वेदिक अधिकारी ने बताया कि मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। एक तो कर्मचारियों की कमी है और दूसरे बेड की व्यवस्था नहीं रह गई है। नया भवन बनने से अब सुविधा हो सकेगी।
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जनप्रतिनिधियों व विभाग की मांग पर मुख्यमंत्री ने करीब दो साल पहले शहर से सटे दूबेपुर विकास खंड के दिखौली गांव में राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास जिला आयुर्वेदिक अस्पताल समेत दो अन्य आयुर्वेदिक अस्पतालों के निर्माण की मंजूरी दी थी। स्वीकृति के साथ ही शासन ने जिलाधिकारी को भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया था।
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इस पर तत्कालीन डीएम ने दूबेपुर के दिखौली गांव में 25 बेड के जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए एक हेक्टेयर व अखंडनगर के रुपईपुर व पीपीकमैचा के चितावनपुर में चार-चार बेड वाले आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए एक चौथाई हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। तब से मामला लंबित चल रहा था।
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पैरोकारी के बाद शासन ने तीनों अस्पतालों के निर्माण के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर निदेशक आयुर्वेदिक पीसी सक्सेना ने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से भूमि का विवरण फोटो समेत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही शासन ने अस्पताल निर्माण के लिए उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया है।
भूमि का विवरण मांगे जाने व बजट की स्वीकृति के साथ कार्यदायी संस्था नामित कर दिए जाने से अस्पतालों का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। शहर के पास निर्माण से आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों को लाभ मिल सकेगा। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अनीता गुप्ता ने बताया कि निदेशक भूमि का विवरण बृहस्पतिवार को भेज दिया गया। जल्द निर्माण शुरू हो सकता है।
अभी तक किराये के भवन में शहर में हो रहा संचालन
शहर का जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के पास अभी तक अपना भवन नहीं था। शुरू से ही अस्पताल किराये के भवन में संचालित हो रहा है। करीब तीन साल पहले किराये का भवन बदलने से बेड की भी सुविधा नहीं रही। आयुर्वेदिक अधिकारी ने बताया कि मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। एक तो कर्मचारियों की कमी है और दूसरे बेड की व्यवस्था नहीं रह गई है। नया भवन बनने से अब सुविधा हो सकेगी।