{"_id":"1790bc9c36711c6e08c2c184c7f925b8","slug":"the-reservation-list-disclosed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरक्षण सूची जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरक्षण सूची जारी
अमर उजाला ब्यूरो/ सुलतानपुर
Updated Mon, 07 Sep 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार शाम चार बजे डीपीआरओ कार्यालय से जारी सूची में जिला पंचायत सदस्य की एक तिहाई व ब्लॉक प्रमुख पद की 40 फीसदी सीटें आधी आबादी के खाते में गई हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही लोगों को जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्डों के आरक्षण का इंतजार था।
हालांकि इस बीच शासन से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों की आरक्षण प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। ग्राम प्रधान पदों की आरक्षण प्रक्रिया स्थगित होने के बाद से लोगों की निगाहें जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य और ब्लॉक प्रमुख पदों पर लगी थीं।
डीपीआरओ कार्यालय ने सोमवार शाम चार बजे लोगों के इस इंतजार पर विराम लगा दिया। जिला मजिस्ट्रेट का आदेश होने के बाद डीपीआरओ एसबी सिंह की ओर से जारी की गई सूची में जिला पंचायत की 36 में एससी महिला के लिए तीन, एससी के लिए छह, ओबीसी महिला के लिए तीन, ओबीसी के लिए छह, महिलाओं के लिए छह और 12 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।
विज्ञापन
इसी तरह जिले की 13 ब्लॉक प्रमुख सीटों में एससी महिला के लिए एक, एसी के लिए दो, ओबीसी महिला के लिए एक, ओबीसी के लिए दो, महिलाओं के लिए तीन और चार सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।
सोमवार शाम जारी आरक्षण सूची ने कई दिग्गजों को चारों खाने चित्त कर दिया। यह वे दिग्गज थे जो सत्ताधारी नेताओं के करीबी होने का फायदा उठाकर जिला पंचायत सदस्य यजा ब्लॉक प्रमुख बनने का ख्वाब देख रहे थे। इन दिग्गजों में कई तो बीते दो तीन माह से डोर-टू-डोर संपर्क करने के साथ ही अन्य व्यवस्था मजबूत करने में जुटे थे।
डीपीआरओ कार्यालय की ओर से जारी आरक्षण सूची में 19 वार्ड ऐसे रहे जिनके सामने 1995, 2000, 2005 व 2010 के आरक्षण का ब्यौरा प्रदर्शित नहीं किया गया। जिन सीटों के सामने पूर्व के आरक्षण का ब्यौरा नहीं दिया गया था उनमें मुसाफिरखाना तहसील की सात, तिलोई तहसील की दो, गौरीगंज तहसील की चार व अमेठी तहसील के छह वार्ड शामिल थे।
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही लोगों को जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के वार्डों के आरक्षण का इंतजार था।
हालांकि इस बीच शासन से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों की आरक्षण प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। ग्राम प्रधान पदों की आरक्षण प्रक्रिया स्थगित होने के बाद से लोगों की निगाहें जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी सदस्य और ब्लॉक प्रमुख पदों पर लगी थीं।
विज्ञापन
डीपीआरओ कार्यालय ने सोमवार शाम चार बजे लोगों के इस इंतजार पर विराम लगा दिया। जिला मजिस्ट्रेट का आदेश होने के बाद डीपीआरओ एसबी सिंह की ओर से जारी की गई सूची में जिला पंचायत की 36 में एससी महिला के लिए तीन, एससी के लिए छह, ओबीसी महिला के लिए तीन, ओबीसी के लिए छह, महिलाओं के लिए छह और 12 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।
विज्ञापन
इसी तरह जिले की 13 ब्लॉक प्रमुख सीटों में एससी महिला के लिए एक, एसी के लिए दो, ओबीसी महिला के लिए एक, ओबीसी के लिए दो, महिलाओं के लिए तीन और चार सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।
सोमवार शाम जारी आरक्षण सूची ने कई दिग्गजों को चारों खाने चित्त कर दिया। यह वे दिग्गज थे जो सत्ताधारी नेताओं के करीबी होने का फायदा उठाकर जिला पंचायत सदस्य यजा ब्लॉक प्रमुख बनने का ख्वाब देख रहे थे। इन दिग्गजों में कई तो बीते दो तीन माह से डोर-टू-डोर संपर्क करने के साथ ही अन्य व्यवस्था मजबूत करने में जुटे थे।
डीपीआरओ कार्यालय की ओर से जारी आरक्षण सूची में 19 वार्ड ऐसे रहे जिनके सामने 1995, 2000, 2005 व 2010 के आरक्षण का ब्यौरा प्रदर्शित नहीं किया गया। जिन सीटों के सामने पूर्व के आरक्षण का ब्यौरा नहीं दिया गया था उनमें मुसाफिरखाना तहसील की सात, तिलोई तहसील की दो, गौरीगंज तहसील की चार व अमेठी तहसील के छह वार्ड शामिल थे।