{"_id":"77ab584b220748adf14353671654af6e","slug":"the-illegal-trade-of-fireworks-took-32-learn-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटाखों के अवैध धंधे ने लीं 32 जानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटाखों के अवैध धंधे ने लीं 32 जानें
सुल्तानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
13 साल में पटाखा विस्फोट से 32 मौतें हुईं। कहीं पक्की इमारत की छत उड़ी तो कहीं कच्चा मकान जमींदोज हो गया। किसी मासूम के चीथड़े उड़े तो किसी के शव की शिनाख्त तक नहीं हो पाई। पीड़ित कहीं न कहीं वैध-अवैध रूप से पटाखा व्यवसाय से जुड़े थे। मौके पर पहुंचे पुलिस विभाग के अधिकारियों ने नमूने भी लिए लेकिन शायद किसी की आज तक रिपोर्ट आई हो।
करीब 13 वर्ष पहले नवंबर 2002 में अमेठी शहर के रायपुर फुलवारी मोहल्ले के निवासी छुट्टन के घर विस्फोट से तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2003 में जगदीशपुर थाने के हारीमऊ गांव में पिता और पुत्री के चीथड़े उड़ गए थे।
पांच नवंबर 2004 को गौरीगंज शहर के निवासी कल्ले के घर में विस्फोट होने से पुत्र, पुत्री, पत्नी, दामाद समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। 29 अप्रैल 2005 जामों थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी इस्लाम के घर विस्फोट होने से दो मंजिला इमारत ध्वस्त हो गई थी।
विज्ञापन
इस घटना में इस्लाम, सिकंदर और हलीम की मौत हुई थी। अक्तूबर 2007 में अमेठी के रायपुर फुलवारी मोहल्ले में अनीश के घर विस्फोट से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौतें हुई थीं। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम को स्पॉट से डाइनामाइट में प्रयोग होने वाले पदार्थ के नमूने मिले थे।
छह फरवरी 2010 की दोपहर बाद खैरातपुर गांव निवासी इंशाद अली के घर विस्फोट होने से तीन बेटियों और पत्नी की मौत हो गई थी। 12 मई 2014 धम्मौर थाना क्षेत्र के जैतापुर गांव में आबादी से दूर मोहम्मद हनीफ के घर पटाखा बनाते समय विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई।
मंगलवार को गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सैफुल्लागंज बाजार में कयूम के घर विस्फोट होने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। हर घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पॉट का मुआयना किया।
विस्फोट के बाद यह जानने की कोशिश की कि आखिर रिहाइशी इलाके में पटाखा बनाने का लाइसेंस कैसे जारी किया गया या फिर अवैध कारोबार को पुलिस ने रोका क्यों नहीं। हालांकि समय के साथ जांचें भी ठंडे बस्ते में चली गईं। आज तक किसी भी मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आई।
विज्ञापन
करीब 13 वर्ष पहले नवंबर 2002 में अमेठी शहर के रायपुर फुलवारी मोहल्ले के निवासी छुट्टन के घर विस्फोट से तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2003 में जगदीशपुर थाने के हारीमऊ गांव में पिता और पुत्री के चीथड़े उड़ गए थे।
विज्ञापन
पांच नवंबर 2004 को गौरीगंज शहर के निवासी कल्ले के घर में विस्फोट होने से पुत्र, पुत्री, पत्नी, दामाद समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। 29 अप्रैल 2005 जामों थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी इस्लाम के घर विस्फोट होने से दो मंजिला इमारत ध्वस्त हो गई थी।
विज्ञापन
इस घटना में इस्लाम, सिकंदर और हलीम की मौत हुई थी। अक्तूबर 2007 में अमेठी के रायपुर फुलवारी मोहल्ले में अनीश के घर विस्फोट से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौतें हुई थीं। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम को स्पॉट से डाइनामाइट में प्रयोग होने वाले पदार्थ के नमूने मिले थे।
छह फरवरी 2010 की दोपहर बाद खैरातपुर गांव निवासी इंशाद अली के घर विस्फोट होने से तीन बेटियों और पत्नी की मौत हो गई थी। 12 मई 2014 धम्मौर थाना क्षेत्र के जैतापुर गांव में आबादी से दूर मोहम्मद हनीफ के घर पटाखा बनाते समय विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई।
मंगलवार को गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सैफुल्लागंज बाजार में कयूम के घर विस्फोट होने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। हर घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने स्पॉट का मुआयना किया।
विस्फोट के बाद यह जानने की कोशिश की कि आखिर रिहाइशी इलाके में पटाखा बनाने का लाइसेंस कैसे जारी किया गया या फिर अवैध कारोबार को पुलिस ने रोका क्यों नहीं। हालांकि समय के साथ जांचें भी ठंडे बस्ते में चली गईं। आज तक किसी भी मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आई।