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दो दिन बाद दफनाया गया युवक का शव
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लंभुआ (सुल्तानपुर)। मलाक तुलापुर गांव में सोमवार सुबह भूमि विवाद में हुई युवक की हत्या से नाराज परिवारीजनों ने दो दिन तक अंतिम संस्कार नहीं किया। परिवारीजन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने की मांग पर अड़े थे। बुधवार को एसडीएम और सीओ लंभुआ के समझाने-बुझाने के बाद परिवारीजन शव को दफनाने के लिए राजी हो गए। पुलिस की मौजूदगी में शव को दफनाया गया।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के मलाक तुलापुर गांव निवासी रामनरेश और अशोक सिंह के बीच आबादी की भूमि पर रास्ता निकालने को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद में सोमवार सुबह दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। मारपीट में अशोक सिंह पक्ष ने लाठी-डंडे से राम नरेश (60), मनोज (30) (पिता-पुत्र), जितेंद्र (25) पुत्र बैजनाथ, इन्नराजी (50) पत्नी बैजनाथ, पुष्पा (15) पुत्री बैजनाथ को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था। गंभीर हालत में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था जहां चिकित्सकों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया था।
मनोज की मौत से नाराज परिवारीजनों ने शव को मंगलवार को दफनाने से इंकार कर दिया था। परिवारीजनों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को पुलिस की सुरक्षा दी जाए। दर्ज मुकदमे में अन्य लोगों का नाम बढ़ाया जाए। 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ ही तीन शस्त्र लाइसेंस दिया जाएं। पांच बीघा भूमि का पट्टा और सरकारी आवास मिले।
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बुधवार को एसडीएम लंभुआ मनोज श्रीवास्तव व सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल पहुंचे और परिवारीजनों से बातचीत की। एसडीएम ने कहा कि चूंकि अभी चुनाव के दौरान अधिसूचना जारी है। चुनाव संपन्न होने के बाद उनकी मांगों को जिला प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। उनकी मांगें पूरी कराने की कोशिश की जाएगी। एसडीएम और सीओ के समझाने के बाद परिवारीजनों ने शव को दफना दिया।
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लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के मलाक तुलापुर गांव निवासी रामनरेश और अशोक सिंह के बीच आबादी की भूमि पर रास्ता निकालने को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद में सोमवार सुबह दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। मारपीट में अशोक सिंह पक्ष ने लाठी-डंडे से राम नरेश (60), मनोज (30) (पिता-पुत्र), जितेंद्र (25) पुत्र बैजनाथ, इन्नराजी (50) पत्नी बैजनाथ, पुष्पा (15) पुत्री बैजनाथ को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था। गंभीर हालत में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था जहां चिकित्सकों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया था।
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मनोज की मौत से नाराज परिवारीजनों ने शव को मंगलवार को दफनाने से इंकार कर दिया था। परिवारीजनों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को पुलिस की सुरक्षा दी जाए। दर्ज मुकदमे में अन्य लोगों का नाम बढ़ाया जाए। 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ ही तीन शस्त्र लाइसेंस दिया जाएं। पांच बीघा भूमि का पट्टा और सरकारी आवास मिले।
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बुधवार को एसडीएम लंभुआ मनोज श्रीवास्तव व सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल पहुंचे और परिवारीजनों से बातचीत की। एसडीएम ने कहा कि चूंकि अभी चुनाव के दौरान अधिसूचना जारी है। चुनाव संपन्न होने के बाद उनकी मांगों को जिला प्रशासन के जरिए मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। उनकी मांगें पूरी कराने की कोशिश की जाएगी। एसडीएम और सीओ के समझाने के बाद परिवारीजनों ने शव को दफना दिया।