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छह हजार शिक्षकों के सामने वेतन का संकट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:32 PM IST
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नोटबंदी की वजह से परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों के 6,000 शिक्षकों के सामने वेतन का संकट खड़ा हो गया है। जिले में स्थित ग्रामीण बैंक की 80 शाखाओं में कैश न होने के कारण शिक्षकों का वेतन नहीं निकल पा रहा है। वेतन न मिलने से शिक्षक अपने परिवार का खर्च चलाने को लेकर परेशान हैं। बच्चे की फीस हो या मकान का किराया। अदा करने में परेशानी हो रही है। यही नहीं दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नोटबंदी से हर वर्ग परेशान है। वेतन भोगियों के समक्ष खाते में धन आने के बाद बैंक ब्रांचों से पेमेंट न मिलने की समस्या खड़ी हो गई है। इस वजह से वेतन भोगियों का दैनिक खर्च और महीने का बजट बिगड़ गया है। जिले के शिक्षकों के सामने भी नोटबंदी अब एक बड़ी चुनौती के रूप में है। परिषदीय स्कूलों में 8,750 शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी कार्यरत हैं। सहायता प्राप्त स्कूलों को जोड़ लिया जाय तो यह आंकड़ा 10 हजार के पार हो जाता है।
परिषदीय स्कूल के 5,141 शिक्षकों/कर्मचारियों का खाता ग्रामीण बैंक की शाखाओं में है। सहायता प्राप्त स्कूलों के भी करीब एक हजार खाते ग्रामीण बैंक में हैं। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का नवंबर का वेतन सात दिसंबर को उनके खातों में भेजा गया, लेकिन ग्रामीण बैंक की कई शाखाओं में पिछले 10 दिनों से कैश न होने के कारण लोगों को वेतन नहीं मिल पा रहा है।
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नोटबंदी से हर वर्ग परेशान है। वेतन भोगियों के समक्ष खाते में धन आने के बाद बैंक ब्रांचों से पेमेंट न मिलने की समस्या खड़ी हो गई है। इस वजह से वेतन भोगियों का दैनिक खर्च और महीने का बजट बिगड़ गया है। जिले के शिक्षकों के सामने भी नोटबंदी अब एक बड़ी चुनौती के रूप में है। परिषदीय स्कूलों में 8,750 शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी कार्यरत हैं। सहायता प्राप्त स्कूलों को जोड़ लिया जाय तो यह आंकड़ा 10 हजार के पार हो जाता है।
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परिषदीय स्कूल के 5,141 शिक्षकों/कर्मचारियों का खाता ग्रामीण बैंक की शाखाओं में है। सहायता प्राप्त स्कूलों के भी करीब एक हजार खाते ग्रामीण बैंक में हैं। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का नवंबर का वेतन सात दिसंबर को उनके खातों में भेजा गया, लेकिन ग्रामीण बैंक की कई शाखाओं में पिछले 10 दिनों से कैश न होने के कारण लोगों को वेतन नहीं मिल पा रहा है।
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