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गांव की चौखट लांघ बेटियों को न्याय दिलाएंगी सगी बहनें
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सुल्तानपुर। किसान पिता की दो बेटियां अब घर की दहलीज लांघ बेटियों को न्याय दिलाएंगी। दोनों बेटियां एक साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पद पर चयनित हुई हैं। दोनों बहनें 31 मई को पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेने के लिए साथ निकलेंगी। दो बेटियों के चयन से किसान पिता काफी गदगद हैं।
कूरेभार क्षेत्र के फूलपुर गांव निवासी किसान राम मनोरथ पांडेय के परिवार में पत्नी पुष्पा के साथ ही छह बच्चे हैं। बच्चों में सबसे बड़ी बेटी सोनी, मोनी, साधना, आराधना, पूजा के साथ ही इकलौता बेटा सुशील है।
राम मनोरथ ने दोनों बड़ी बेटियों व बेटे की शादी कर दी है जबकि साधना और आराधना की शादी होनी है। साधना और आराधना की पढ़ाई पिता ने पूरी शिद्दत से कराई। राम मनोरथ बताते हैं कि उनकी बेटी साधना ने एमए तक पढ़ाई की है, जबकि आराधना ने बीए के बाद बीएड किया है।
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बचपन से ही दोनों बेटियां बड़ी होकर पुलिस की वर्दी पहनना चाहती थीं। लगन व परिश्रम के दम पर साधना और आराधना का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2018 में हो गया। 31 मई को दोनों बेटियां पुलिस ट्रैनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेने के लिए घर से जाएंगी। साधना बस्ती पुलिस ट्रेनिंग सेंटर व आराधना फतेहपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेंगी।
बेटियों को दौड़ने की कराई प्रैक्टिस
सुल्तानपुर। फूलपुर निवासी राम मनोरथ पांडेय ने अपनी दोनों लाडली बेटियों का सपना पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। बेटियों को प्रतिदिन भोर में उठाकर राम मनोरथ उनके साथ खुद भी दौड़ लगाते थे। बेटियों ने भी अभ्यास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी।
साधना और अराधना ने कूरेभार में स्थित रानी लक्ष्मी बाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। परिवार में सबसे बड़ी बहन सोनी ने हाई स्कूल, मोनी और पूजा ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। इकलौता भाई सुशील भी पढ़ाई के बाद फरीदाबाद में प्राइवेट नौकरी करता है।
महिलाओं की सुरक्षा को ड्यूटी के दौरान प्राथमिकता दूंगी, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने की कोशिश करूंगी। आधी आबादी को न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास होगा।
- साधना पांडेय
महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ आए दिन हो रहे गंभीर अपराध को लेकर चिंतित रही हूं। शुरू से ही आधी आबादी की आवाज बुलंद करने का जज्बा मन में रहा है। कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालने के साथ ही महिलाओं और बच्चियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगी।
- आराधना पांडेय
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कूरेभार क्षेत्र के फूलपुर गांव निवासी किसान राम मनोरथ पांडेय के परिवार में पत्नी पुष्पा के साथ ही छह बच्चे हैं। बच्चों में सबसे बड़ी बेटी सोनी, मोनी, साधना, आराधना, पूजा के साथ ही इकलौता बेटा सुशील है।
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राम मनोरथ ने दोनों बड़ी बेटियों व बेटे की शादी कर दी है जबकि साधना और आराधना की शादी होनी है। साधना और आराधना की पढ़ाई पिता ने पूरी शिद्दत से कराई। राम मनोरथ बताते हैं कि उनकी बेटी साधना ने एमए तक पढ़ाई की है, जबकि आराधना ने बीए के बाद बीएड किया है।
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बचपन से ही दोनों बेटियां बड़ी होकर पुलिस की वर्दी पहनना चाहती थीं। लगन व परिश्रम के दम पर साधना और आराधना का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2018 में हो गया। 31 मई को दोनों बेटियां पुलिस ट्रैनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेने के लिए घर से जाएंगी। साधना बस्ती पुलिस ट्रेनिंग सेंटर व आराधना फतेहपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेंगी।
बेटियों को दौड़ने की कराई प्रैक्टिस
सुल्तानपुर। फूलपुर निवासी राम मनोरथ पांडेय ने अपनी दोनों लाडली बेटियों का सपना पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। बेटियों को प्रतिदिन भोर में उठाकर राम मनोरथ उनके साथ खुद भी दौड़ लगाते थे। बेटियों ने भी अभ्यास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी।
साधना और अराधना ने कूरेभार में स्थित रानी लक्ष्मी बाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। परिवार में सबसे बड़ी बहन सोनी ने हाई स्कूल, मोनी और पूजा ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। इकलौता भाई सुशील भी पढ़ाई के बाद फरीदाबाद में प्राइवेट नौकरी करता है।
महिलाओं की सुरक्षा को ड्यूटी के दौरान प्राथमिकता दूंगी, महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने की कोशिश करूंगी। आधी आबादी को न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास होगा।
- साधना पांडेय
महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ आए दिन हो रहे गंभीर अपराध को लेकर चिंतित रही हूं। शुरू से ही आधी आबादी की आवाज बुलंद करने का जज्बा मन में रहा है। कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालने के साथ ही महिलाओं और बच्चियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगी।
- आराधना पांडेय