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Sultanpur News: कमजोर बच्चों की पाठ्य सामग्री को बनाएं सरल
Thu, 12 Sep 2024 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 12 Sep 2024 01:28 AM IST
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राजकीय पुस्तकालय में शिक्षकों को प्रशिक्षित करते विशेषज्ञ। -स्रोत ः संस्थान
सुल्तानपुर। राजकीय पुस्तकालय में राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का पांच दिवसीय उपचारात्मक प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में राजकीय व एडेड कॉलेजों के कक्षा 11 व 12 के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। पठन-पाठन को रोचक बनाने, कमजोर बच्चों को सरल तरीके से पढ़ाने के तरीके सुझाए गए। प्रशिक्षण का समापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक ने किया।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव ने कहा कि शिक्षकों को हमेशा शिक्षण कार्य में नवाचार करने की जरूरत है। अध्यापन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सशक्त शिक्षण विधियों तथा टीएलएम का प्रयोग करना चाहिए। शिक्षक की प्रेरणा से कोई विद्यार्थी यदि सफल होता है तो शिक्षक की गरिमा बढ़ती है।
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक अखिलेश पांडेय ने उपचारात्मक प्रशिक्षण के बारे में कक्षा 11 व 12 के विषयों की जानकारी दी। उन्होंने गणित, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान के 25 प्रतिषत कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर समय सारणी में स्थान प्रदान करते हुए उपचारात्मक शिक्षा देने के विषय में जानकारी दी।
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इस मौके पर राज्य प्रशिक्षक शैलेंद्र चतुर्वेदी, शैलेश कुमार, पंकज सिंह, गायत्री प्रसाद तिवारी, अमित कुमार, अजय सरोज, सुशील कुमार, रामकृष्ण मिश्रा, संतोष कुमार वर्मा, शंकर अग्रहरि, हरीश कुमार व विचित्र वीर सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को उपचारात्मक शिक्षण के गुर सिखाए। कार्यक्रम का संचालन जीजीआईसी के प्रवक्ता शैलेंद्र चतुर्वेदी ने किया।
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सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव ने कहा कि शिक्षकों को हमेशा शिक्षण कार्य में नवाचार करने की जरूरत है। अध्यापन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सशक्त शिक्षण विधियों तथा टीएलएम का प्रयोग करना चाहिए। शिक्षक की प्रेरणा से कोई विद्यार्थी यदि सफल होता है तो शिक्षक की गरिमा बढ़ती है।
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जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक अखिलेश पांडेय ने उपचारात्मक प्रशिक्षण के बारे में कक्षा 11 व 12 के विषयों की जानकारी दी। उन्होंने गणित, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व जीव विज्ञान के 25 प्रतिषत कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर समय सारणी में स्थान प्रदान करते हुए उपचारात्मक शिक्षा देने के विषय में जानकारी दी।
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इस मौके पर राज्य प्रशिक्षक शैलेंद्र चतुर्वेदी, शैलेश कुमार, पंकज सिंह, गायत्री प्रसाद तिवारी, अमित कुमार, अजय सरोज, सुशील कुमार, रामकृष्ण मिश्रा, संतोष कुमार वर्मा, शंकर अग्रहरि, हरीश कुमार व विचित्र वीर सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को उपचारात्मक शिक्षण के गुर सिखाए। कार्यक्रम का संचालन जीजीआईसी के प्रवक्ता शैलेंद्र चतुर्वेदी ने किया।