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दुकान आवंटन : कहीं खुशी कहीं मायूसी
Fri, 07 Mar 2025 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:03 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शराब की दुकानों का आवंटन बृहस्पतिवार को ई-लॉटरी के माध्यम से किया गया। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार परिसर के बगल में नोडल अधिकारी मंडलायुक्त गौरव दयाल शर्मा की देखरेख में शराब और भांग की दुकानों के लिए लॉटरी निकाली गई। शराब बिक्री के लिए 279 लोगों को दुकानें व मॉडल शॉप आवंटित की गई।
जिले में 120 कंपोजिट, 158 देसी मदिरा और 41 भांग की दुकानों अलावा एक मॉडल शाॅप के लिए कुल 3166 लोगों ने आवेदन किए थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहले चरण की ई-लॉटरी में शराब की सभी दुकानों का आवंटन हो गया, जबकि 41 भांग की दुकानों में से 29 दुकान ही आवंटित हो सकी। शेष दुकानों का दोबारा आवंटन किया जाएगा। कुछ आवेदकों को दुकानें मिलीं तो कई को निराशा हाथ लगी।
दुकान पाने की चाहत में आवेदकों ने पूरी ताकत झोंक दी। लोगों ने एक या दो नहीं, बल्कि 20, 30 व 50 दुकानों के लिए आवेदन किए थे। पांच दुकान का आवेदन करने वाले एक शख्स को एक भी दुकान नहीं मिली।
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दुकान लेने में महिलाएं भी पीछे नहीं
हर जगह अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के बाद शराब के कारोबार में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। ई-लॉटरी की दुकान में मॉडल शॉप की एक, कंपोजिट की 44 व देसी शराब की 33 दुकानें महिलाओं को मिली हैं। भले ही यह दुकान का संचालन इनके परिवार के लोग करें, लेकिन कानूनी तौर पर यही अनुज्ञापी रहेंगी।
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जिले में 120 कंपोजिट, 158 देसी मदिरा और 41 भांग की दुकानों अलावा एक मॉडल शाॅप के लिए कुल 3166 लोगों ने आवेदन किए थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहले चरण की ई-लॉटरी में शराब की सभी दुकानों का आवंटन हो गया, जबकि 41 भांग की दुकानों में से 29 दुकान ही आवंटित हो सकी। शेष दुकानों का दोबारा आवंटन किया जाएगा। कुछ आवेदकों को दुकानें मिलीं तो कई को निराशा हाथ लगी।
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दुकान पाने की चाहत में आवेदकों ने पूरी ताकत झोंक दी। लोगों ने एक या दो नहीं, बल्कि 20, 30 व 50 दुकानों के लिए आवेदन किए थे। पांच दुकान का आवेदन करने वाले एक शख्स को एक भी दुकान नहीं मिली।
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दुकान लेने में महिलाएं भी पीछे नहीं
हर जगह अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के बाद शराब के कारोबार में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। ई-लॉटरी की दुकान में मॉडल शॉप की एक, कंपोजिट की 44 व देसी शराब की 33 दुकानें महिलाओं को मिली हैं। भले ही यह दुकान का संचालन इनके परिवार के लोग करें, लेकिन कानूनी तौर पर यही अनुज्ञापी रहेंगी।