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Sultanpur News: सऊदी अरब के विरोध में शिया समुदाय ने निकाला शांति जुलूस
Thu, 18 Apr 2024 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 18 Apr 2024 01:15 AM IST
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अमहट (सुल्तानपुर)। जनाब-ए-फातमा जहरा की कब्र पर पुन: रौजों मकबरा की मांग के लिए बुधवार को शहर से सटे अमहट में शिया मुसलमानों ने सऊदी अरब के खिलाफ शांति जुलूस निकाला। इसमें कई अंजुमनों के लोग व उलमा भी शरीक हुए।
हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने कहा कि पहले यह जुलूस परंपरागत तरीके से हर साल अमहट चौराहे तक जाता था और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाता था। इस बार सामान्य निर्वाचन और आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए जुलूस अमहट चौराहे पर नहीं ले जाया गया, बल्कि जामा मस्जिद अमहट पर गांव के अंदर ही खत्म किया गया।
पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की इकलौती बेटी जनाब-ए-फातमा जहरा और उनके परिवार के लोगों की सऊदी अरब के मदीना शहर में जन्नतुल बकीय कब्रिस्तान में रौजे बने थे, जिसे शाह सऊद ने 1926 ई. में मिस्मार करवा दिया था। इसके पुनर्निर्माण के लिए हर साल शिया मुसलमान आज ही के दिन आतंकवाद विरोध दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर मो. सकलैन हसन, अब्दुल कासिम, एमएच खान गौरी, कौसर जैदी, मौलाना मुस्तफा इस्लामी, मौलाना मो. जाफर खान व नकी अब्बास आदि मौजूद रहे।
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हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने कहा कि पहले यह जुलूस परंपरागत तरीके से हर साल अमहट चौराहे तक जाता था और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाता था। इस बार सामान्य निर्वाचन और आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए जुलूस अमहट चौराहे पर नहीं ले जाया गया, बल्कि जामा मस्जिद अमहट पर गांव के अंदर ही खत्म किया गया।
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पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की इकलौती बेटी जनाब-ए-फातमा जहरा और उनके परिवार के लोगों की सऊदी अरब के मदीना शहर में जन्नतुल बकीय कब्रिस्तान में रौजे बने थे, जिसे शाह सऊद ने 1926 ई. में मिस्मार करवा दिया था। इसके पुनर्निर्माण के लिए हर साल शिया मुसलमान आज ही के दिन आतंकवाद विरोध दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर मो. सकलैन हसन, अब्दुल कासिम, एमएच खान गौरी, कौसर जैदी, मौलाना मुस्तफा इस्लामी, मौलाना मो. जाफर खान व नकी अब्बास आदि मौजूद रहे।
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