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चार पहिया, शहर में प्लाट व नकदी लेकर रचाई शादी, अब खड़े किए हाथ
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सुल्तानपुर। पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी मिली तो वर की कीमत बढ़ गई। किसी ने चार पहिया वाहन लिया तो कुछ ने शहर में प्लाट, नकदी समेत अन्य सामान लेकर धूमधाम से शादी रचाई। अब जब शासन ने दहेज का विवरण मांगा तो कर्मचारियों व अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। दहेज में लाखों लेने वाले भी मुकर गए है। अब तक जिले में एक भी ऐसा सरकारी कर्मचारी नहीं मिला, जिसने शादी में दहेज लेने की बात स्वीकारी हो।
छात्र जीवन में मेहनत के बाद जब अधिकारी से लेकर कर्मचारियों के विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरी मिली तो दहेज का भाव आसमान छूने लगा। वधू पक्ष के कुछ लोगों ने खुद ही ऑफर दिया तो कुछ मुंहमांगी मांग पूरी करने को तैैैैयार हो गए। शादी में किसी ने चार पहिया वाहन लिया तो किसी ने शहर में प्लाट, नकदी व अन्य कीमती सामान लेकर शादी रचाई। पिछले दिनों शासन ने 31 अप्रैल वर्ष 2004 के बाद शादी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से दहेज का विवरण मांगा तो तो सरकारी सेवकों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सरकारी विभागों, संस्थाओं व निगमों में नौकरी पाने के बाद लाखों का दहेज लेकर विवाह रचाने वाले सरकारी सेवक बैकफुट पर आ गए। शादी में लाखों लेने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब दहेज लेने से ही मुकरने लगे हैं।
जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से मांगा गया विवरण इसकी तस्दीक कर रहा है। महिला कल्याण निदेशक के निर्देश पर जिला प्रोबेशन विभाग ने सभी विभागों को 31 अप्रैल वर्ष 2004 के बाद शादी रचाने वाले सरकारी सेवकों के दहेज का विवरण लेने के लिए प्रपत्र भेजा है लेकिन अब तक किसी सरकारी सेवक ने दहेज लेने की बात नहीं स्वीकार की है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि विभागों को पत्र भेजकर वर्ष 2004 के बाद शादी करने वाले सरकारी सेवकों के दहेज का विवरण मांगा गया है। विवरण निदेशालय भेजा जाना है। अभी तक दहेज लेने का मामला नहीं सामने आया है।
महिला कल्याण के लिए उठाया जा रहा कदम
महिला कल्याण निदेशक मनोज राय ने बताया कि 31 अप्रैल 2004 के बाद विवाह करने वाले सभी विभागों, संस्थाओं व निगमों के कर्मचारियों से दहेज का विवरण मांगा गया है। यह कदम शासन से महिला कल्याण के लिए उठाया जा रहा है।
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छात्र जीवन में मेहनत के बाद जब अधिकारी से लेकर कर्मचारियों के विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरी मिली तो दहेज का भाव आसमान छूने लगा। वधू पक्ष के कुछ लोगों ने खुद ही ऑफर दिया तो कुछ मुंहमांगी मांग पूरी करने को तैैैैयार हो गए। शादी में किसी ने चार पहिया वाहन लिया तो किसी ने शहर में प्लाट, नकदी व अन्य कीमती सामान लेकर शादी रचाई। पिछले दिनों शासन ने 31 अप्रैल वर्ष 2004 के बाद शादी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से दहेज का विवरण मांगा तो तो सरकारी सेवकों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सरकारी विभागों, संस्थाओं व निगमों में नौकरी पाने के बाद लाखों का दहेज लेकर विवाह रचाने वाले सरकारी सेवक बैकफुट पर आ गए। शादी में लाखों लेने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब दहेज लेने से ही मुकरने लगे हैं।
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जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से मांगा गया विवरण इसकी तस्दीक कर रहा है। महिला कल्याण निदेशक के निर्देश पर जिला प्रोबेशन विभाग ने सभी विभागों को 31 अप्रैल वर्ष 2004 के बाद शादी रचाने वाले सरकारी सेवकों के दहेज का विवरण लेने के लिए प्रपत्र भेजा है लेकिन अब तक किसी सरकारी सेवक ने दहेज लेने की बात नहीं स्वीकार की है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि विभागों को पत्र भेजकर वर्ष 2004 के बाद शादी करने वाले सरकारी सेवकों के दहेज का विवरण मांगा गया है। विवरण निदेशालय भेजा जाना है। अभी तक दहेज लेने का मामला नहीं सामने आया है।
महिला कल्याण के लिए उठाया जा रहा कदम
महिला कल्याण निदेशक मनोज राय ने बताया कि 31 अप्रैल 2004 के बाद विवाह करने वाले सभी विभागों, संस्थाओं व निगमों के कर्मचारियों से दहेज का विवरण मांगा गया है। यह कदम शासन से महिला कल्याण के लिए उठाया जा रहा है।