{"_id":"603bd0038ebc3ee90b47dfd4","slug":"rate-of-potato-falls-farmers-in-stress-sultanpur-news-lko567234992","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलू का भाव गिरा, लागत निकालना भी मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलू का भाव गिरा, लागत निकालना भी मुश्किल
विज्ञापन
सुल्तानपुर। अनुकूल मौसम होने से इस बार जिले में आलू की बेहतर पैदावार हुई है। आलू का भाव गिरने से किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। किसानों को कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने में कोई परेशानी नहीं हो रही है।
आलू करीब आठ से 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से फुटकर बिक रहा है। थोक भाव और भी कम है। इस मूल्य पर किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
जिला उद्यान विभाग के मुताबिक इस बार जिले में किसानों ने 5,400 हेक्टेयर में आलू की बोआई कराई है। इस वर्ष जिले में देर से कोहरा पड़ने से आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा कम हो गया था। इस वजह से आलू की बेहतर पैदावार हुई है।
मौसम अच्छा होने से आलू की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। इस बार करीब 8,64,000 क्विंटल आलू की पैदावार होने की संभावना जताई जा रही है। जिले की अमहट मंडी में बाहरी व स्थानीय आलू की आवक से रेट काफी कम हो गए हैं। इस समय थोक में छह रुपये व फुटकर में आठ से 10 रुपये प्रति किलो आलू की बिक्री हो रही है।
विज्ञापन
बड़े पैमाने पर होती है आलू की बोवाई
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के अभियाखुर्द, हनुमानगंज, विकवाजितपुर, ऊंचहरा, भपटा, जुड़ारा, पन्नाटिकरी, तेरएं समेत कई गांवों के किसान आलू की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं।
शुरुआत में आलू का रेट अच्छा होने से किसानों ने खूब मुनाफा कमाया। अब आलू का दाम गिरकर आठ से 10 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। सरकार बुआई के समय महंगे आलू के बीज पर कोई रियायत नहीं दे पाई थी। अब किसान आलू के रख-रखाव को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, कोल्ड स्टोरेज पर आलू रखने का शुल्क महंगाई बढ़ने के बाद भी पुराना रेट 240 रुपये प्रति क्विंटल ही तय है।
सरकार दे ध्यान
किसान अनुपम पाठक कहते हैं कि सरकार को किसानों के हित का ध्यान रखना चाहिए ताकि उन्हें नुकसान न सहना पड़े। किसान विजय कुमार बतातेे हैं कि बुआई के समय आलू का भाव आसमान पर था। अब किसानों की फसल तैयार है तो दाम काफी नीचे आ गया है। इससे किसानों का काफी नुकसान हो रहा है।
किसान सत्यराम पांडेय ने बताया कि वे 30 साल से आलू की खेती कर रहे हैं। पहले आलू के दाम में दोगुने से अधिक भाव का उतार-चढ़ाव नहीं होता था। इस बार पांच से सात गुना का अंतर आया है। किसान प्रताप नारायण ने बताया कि आलू की फसल को लेकर किसान हमेशा नुकसान को लेकर आशंकित रहता है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे किसानों को फसल उत्पादन का वाजिब मूल्य मिल सके।
आलू भंडारण में नहीं आएगी दिक्कत
लोहरामऊ के दुर्गा कोल्ड स्टोरेज पर डेढ़ लाख बोरा आलू रखने की क्षमता है। अभी तक केवल दो हजार बोरा आलू का भंडारण ही हो सका है। कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर नजर अली ने बताया कि आलू भंडारण में किसानों को कोई परेशानी नहीं आएगी। कोल्ड स्टोरेज में पूरी व्यवस्था है। किसान तत्काल आलू लाकर यहां भंडारण कर सकते हैं।
तीन कोल्ड स्टोरेज में 900 एमटी भंडारण की क्षमता
सहायक उद्यान निरीक्षक मो. फाजिल ने बताया कि जिले में तीन कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। इसमें दुर्गा कोल्ड स्टोरेज लोहरामऊ, मनीष कोल्ड स्टोरेज शुकुल दुलैचा व सारवण कोल्ड स्टोरेज शुकुल दुलैचा शामिल है। इन तीनों कोल्ड स्टोरेज में कुल 900 मीट्रिक टन आलू रखा जा सकता है।
कोल्ड स्टोरेज संचालकों को दिया गया निर्देश
जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार भी आलू की काफी पैदावार हुई है। कोल्ड स्टोरेज संचालकों को आलू भंडारण के लिए निर्देश दिया जाएगा। फिलहाल कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण के लिए किसानों को कोई समस्या नहीं आएगी।
विज्ञापन
आलू करीब आठ से 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से फुटकर बिक रहा है। थोक भाव और भी कम है। इस मूल्य पर किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है।
जिला उद्यान विभाग के मुताबिक इस बार जिले में किसानों ने 5,400 हेक्टेयर में आलू की बोआई कराई है। इस वर्ष जिले में देर से कोहरा पड़ने से आलू की फसल में झुलसा रोग का खतरा कम हो गया था। इस वजह से आलू की बेहतर पैदावार हुई है।
विज्ञापन
मौसम अच्छा होने से आलू की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। इस बार करीब 8,64,000 क्विंटल आलू की पैदावार होने की संभावना जताई जा रही है। जिले की अमहट मंडी में बाहरी व स्थानीय आलू की आवक से रेट काफी कम हो गए हैं। इस समय थोक में छह रुपये व फुटकर में आठ से 10 रुपये प्रति किलो आलू की बिक्री हो रही है।
विज्ञापन
बड़े पैमाने पर होती है आलू की बोवाई
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के अभियाखुर्द, हनुमानगंज, विकवाजितपुर, ऊंचहरा, भपटा, जुड़ारा, पन्नाटिकरी, तेरएं समेत कई गांवों के किसान आलू की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं।
शुरुआत में आलू का रेट अच्छा होने से किसानों ने खूब मुनाफा कमाया। अब आलू का दाम गिरकर आठ से 10 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। सरकार बुआई के समय महंगे आलू के बीज पर कोई रियायत नहीं दे पाई थी। अब किसान आलू के रख-रखाव को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, कोल्ड स्टोरेज पर आलू रखने का शुल्क महंगाई बढ़ने के बाद भी पुराना रेट 240 रुपये प्रति क्विंटल ही तय है।
सरकार दे ध्यान
किसान अनुपम पाठक कहते हैं कि सरकार को किसानों के हित का ध्यान रखना चाहिए ताकि उन्हें नुकसान न सहना पड़े। किसान विजय कुमार बतातेे हैं कि बुआई के समय आलू का भाव आसमान पर था। अब किसानों की फसल तैयार है तो दाम काफी नीचे आ गया है। इससे किसानों का काफी नुकसान हो रहा है।
किसान सत्यराम पांडेय ने बताया कि वे 30 साल से आलू की खेती कर रहे हैं। पहले आलू के दाम में दोगुने से अधिक भाव का उतार-चढ़ाव नहीं होता था। इस बार पांच से सात गुना का अंतर आया है। किसान प्रताप नारायण ने बताया कि आलू की फसल को लेकर किसान हमेशा नुकसान को लेकर आशंकित रहता है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे किसानों को फसल उत्पादन का वाजिब मूल्य मिल सके।
आलू भंडारण में नहीं आएगी दिक्कत
लोहरामऊ के दुर्गा कोल्ड स्टोरेज पर डेढ़ लाख बोरा आलू रखने की क्षमता है। अभी तक केवल दो हजार बोरा आलू का भंडारण ही हो सका है। कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर नजर अली ने बताया कि आलू भंडारण में किसानों को कोई परेशानी नहीं आएगी। कोल्ड स्टोरेज में पूरी व्यवस्था है। किसान तत्काल आलू लाकर यहां भंडारण कर सकते हैं।
तीन कोल्ड स्टोरेज में 900 एमटी भंडारण की क्षमता
सहायक उद्यान निरीक्षक मो. फाजिल ने बताया कि जिले में तीन कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। इसमें दुर्गा कोल्ड स्टोरेज लोहरामऊ, मनीष कोल्ड स्टोरेज शुकुल दुलैचा व सारवण कोल्ड स्टोरेज शुकुल दुलैचा शामिल है। इन तीनों कोल्ड स्टोरेज में कुल 900 मीट्रिक टन आलू रखा जा सकता है।
कोल्ड स्टोरेज संचालकों को दिया गया निर्देश
जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार भी आलू की काफी पैदावार हुई है। कोल्ड स्टोरेज संचालकों को आलू भंडारण के लिए निर्देश दिया जाएगा। फिलहाल कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण के लिए किसानों को कोई समस्या नहीं आएगी।