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आज से शुरू होगा गणेश उत्सव
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सुल्तानपुर। गणेश उत्सव शुक्रवार से शुरू हो रहा है। कोविड संक्रमण के चलते पिछले साल की तरह इस बार भी सार्वजनिक स्थलों पर गणपति पंडाल सजाए जाने के लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। इसलिए शहरवासी अपने-अपने घरों में गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करेंगे। दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव का समापन 20 सितंबर को किया जाएगा।
कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले दो साल से कोई भी त्यौहार सही ढंग से नहीं मनाया जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हो रहे गणेश उत्सव की तैयारी में लोग जोर-शोर से जुट गए हैं। बाजार में तरह-तरह की गणेश प्रतिमाएं सज गई हैं। लोग गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी भी कर रहे हैं। इस बार भी कोरोना गाइडलाइन के अनुसार गणेश प्रतिमाएं सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं की जाएंगी। श्रद्धालु अपने घरों व बरामदे में गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए पंडालों को अंतिम रूप दे रहे हैं। केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी व महामंत्री सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना काल के पहले शहर में करीब डेढ़ दर्जन गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही थी।
दो साल से कोरोना के चलते गणेश प्रतिमाओं का पंडाल बाहर नहीं लग रहा है। लोग अपने घरों में गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजन अर्चन कर रहे हैं। इस बार भी सरकार की गाइडलाइन पर मूर्ति स्थापना होगी। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए लोग अपने घरों में रहकर गणपति की पूजा अर्चना करेंगे। शासन और प्रशासन से इसके लिए कोई छूट की सूचना नहीं है। 10 दिनों तक लोग अपने-अपने घरों में ही गणेश उत्सव मनाएंगे। 20 सितंबर को घरों में स्थापित सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
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ऐसे करें गणेश पूजा
शहर के शाहगंज चौराहा स्थित लाला बैजूशाह मंदिर के पुजारी व कथा व्यास बृजेशाचार्य महराज ने बताया कि गणेश उत्सव के इस महापर्व पर लोग भोर में उठकर सोने, चांदी, तांबे और मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन करें। पूजन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ब्राह्मणों को दान करें और भोजन भी कराएं। गणेश पूजा में गणपति भगवान को 21 लड्डुओं का भोग भी लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी के 10 दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है।
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कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले दो साल से कोई भी त्यौहार सही ढंग से नहीं मनाया जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हो रहे गणेश उत्सव की तैयारी में लोग जोर-शोर से जुट गए हैं। बाजार में तरह-तरह की गणेश प्रतिमाएं सज गई हैं। लोग गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी भी कर रहे हैं। इस बार भी कोरोना गाइडलाइन के अनुसार गणेश प्रतिमाएं सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं की जाएंगी। श्रद्धालु अपने घरों व बरामदे में गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए पंडालों को अंतिम रूप दे रहे हैं। केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी व महामंत्री सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना काल के पहले शहर में करीब डेढ़ दर्जन गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही थी।
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दो साल से कोरोना के चलते गणेश प्रतिमाओं का पंडाल बाहर नहीं लग रहा है। लोग अपने घरों में गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजन अर्चन कर रहे हैं। इस बार भी सरकार की गाइडलाइन पर मूर्ति स्थापना होगी। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए लोग अपने घरों में रहकर गणपति की पूजा अर्चना करेंगे। शासन और प्रशासन से इसके लिए कोई छूट की सूचना नहीं है। 10 दिनों तक लोग अपने-अपने घरों में ही गणेश उत्सव मनाएंगे। 20 सितंबर को घरों में स्थापित सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
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ऐसे करें गणेश पूजा
शहर के शाहगंज चौराहा स्थित लाला बैजूशाह मंदिर के पुजारी व कथा व्यास बृजेशाचार्य महराज ने बताया कि गणेश उत्सव के इस महापर्व पर लोग भोर में उठकर सोने, चांदी, तांबे और मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन करें। पूजन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ब्राह्मणों को दान करें और भोजन भी कराएं। गणेश पूजा में गणपति भगवान को 21 लड्डुओं का भोग भी लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी के 10 दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है।