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300 गांवों में दूसरे दिन भी नहीं आई बिजली
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सुल्तानपुर। जिले में बुधवार की रात आई आंधी-पानी से तबाह हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था दूसरे दिन भी दुरुस्त नहीं हो सकी। शुक्रवार को भी तीन सौ गांव अंधेरे में रहे। करीब 40 घंटे से इन गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। हालांकि विद्युत वितरण मंडल ने बृहस्पतिवार को ही मरम्मत कार्य शुरू करा दिया था है लेकिन टूटे खंभे और तार अभी तक नहीं लग पाए हैं। उपकेंद्रों की ओर से नए खंभों व तार की मांग की जा रही है।
आंधी-पानी ने बुधवार की रात जिले में भारी तबाही मचाई थी। तेज आंधी में जिले में दो सौ से अधिक बिजली के खंभे, तार व केबल क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई ट्रांसफार्मर व अन्य संयंत्र खराब हो गए हैं। आंधी-पानी से करीब पांच सौ गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई थी। जिले के तकरीबन सभी शहरी व ग्रामीण उपकेंद्र ठप हो गए थे। भारी क्षति के बीच विद्युत वितरण मंडल ने बृहस्पतिवार की सुबह से मरम्मत कार्य शुरू कराया। अधीक्षण अभियंता ने इंजीनियरों को पहले उपकेंद्रों की लाइन बहाल करने में लगाया। दो दिन चले कार्य के बीच उपकेंद्रों व फीडर की लाइन तो दुरुस्त हो गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की घरेलू लाइनों के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका है। घरेलू लाइनों का कार्य पूरा नहीं होने से अभी तक तीन सौ से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति दूसरे दिन भी ठप रही।
अवर अभियंताओं के मुताबिक उपकेंद्रों पर तार व खंभों का अभाव हो गया है। मरम्मत कार्य के लिए स्टोर से तार व पोल की मांग की गई है। इसके साथ ही टूटी लाइनों को जोड़ने व खंभे लगाने का काम दिन भर जारी रहा। क्षेत्र के अवर अभियंताओं के मुताबिक शनिवार तक अधिकांश गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। दियरा उपकेंद्र के अवर अभियंता मनीष ने बताया कि क्षेत्र में करीब 50 पोल टूट गए थे। स्टोर से सामान की मांग की जा चुकी है। मरम्मत कार्य जारी है। अन्य उपकेंद्र के अवर अभियंताओं ने भी सामानों की मांग की है।
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जल्द पटरी पर आएगी आपूर्ति व्यवस्था
अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने बताया कि आंधी-पानी से भारी नुकसान हुआ है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने का कार्य चल रहा है। शहर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। जल्द ही विद्युत आपूर्ति पटरी पर आ जाएगी।
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आंधी-पानी ने बुधवार की रात जिले में भारी तबाही मचाई थी। तेज आंधी में जिले में दो सौ से अधिक बिजली के खंभे, तार व केबल क्षतिग्रस्त हो गए थे। कई ट्रांसफार्मर व अन्य संयंत्र खराब हो गए हैं। आंधी-पानी से करीब पांच सौ गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई थी। जिले के तकरीबन सभी शहरी व ग्रामीण उपकेंद्र ठप हो गए थे। भारी क्षति के बीच विद्युत वितरण मंडल ने बृहस्पतिवार की सुबह से मरम्मत कार्य शुरू कराया। अधीक्षण अभियंता ने इंजीनियरों को पहले उपकेंद्रों की लाइन बहाल करने में लगाया। दो दिन चले कार्य के बीच उपकेंद्रों व फीडर की लाइन तो दुरुस्त हो गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की घरेलू लाइनों के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका है। घरेलू लाइनों का कार्य पूरा नहीं होने से अभी तक तीन सौ से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति दूसरे दिन भी ठप रही।
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अवर अभियंताओं के मुताबिक उपकेंद्रों पर तार व खंभों का अभाव हो गया है। मरम्मत कार्य के लिए स्टोर से तार व पोल की मांग की गई है। इसके साथ ही टूटी लाइनों को जोड़ने व खंभे लगाने का काम दिन भर जारी रहा। क्षेत्र के अवर अभियंताओं के मुताबिक शनिवार तक अधिकांश गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। दियरा उपकेंद्र के अवर अभियंता मनीष ने बताया कि क्षेत्र में करीब 50 पोल टूट गए थे। स्टोर से सामान की मांग की जा चुकी है। मरम्मत कार्य जारी है। अन्य उपकेंद्र के अवर अभियंताओं ने भी सामानों की मांग की है।
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जल्द पटरी पर आएगी आपूर्ति व्यवस्था
अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने बताया कि आंधी-पानी से भारी नुकसान हुआ है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने का कार्य चल रहा है। शहर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। जल्द ही विद्युत आपूर्ति पटरी पर आ जाएगी।