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Sultanpur News: बिजली कटौती ने बिगाड़ा मेडिकल कॉलेज का बजट
Thu, 20 Jul 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:10 AM IST
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सुल्तानपुर। बिजली विभाग की लापरवाही मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भारी पड़ रही है। आए दिन अघोषित तौर पर घंटों हो रही बिजली कटौती के कारण मेडिकल कॉलेज का बजट तक बिगड़ गया है। बीते एक पखवारे में कई लाख रुपये का डीजल सिर्फ जनरेटर चलाने में ही फूंक चुका है। इससे परेशान अस्पताल के सीएमएस ने डीएम के साथ ही बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर अस्पताल की बदहाल बिजली सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि बिजली न आने से हर दिन 10 से 15 हजार रुपये के डीजल का खर्च उठाना अस्पताल प्रशासन के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। करीब 20 दिन पहले मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पुरुष अस्पताल की विशेष सप्लाई लाइन में आई खराबी के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी।
बाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने शहर की सप्लाई लाइन से अस्पताल की बिजली सप्लाई लाइन को जोड़ दिया। इसके बाद से अस्पताल में हर दिन आठ से दस घंटे तक जनरेटर चलाने की नौबत आ गई है। डीजल का बढ़ा खर्च जुटाना अस्पताल प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी बना है।
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सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ. एसके गोयल ने बताया कि बिजली सप्लाई बाधित होने से हर दिन डेढ़ सौ लीटर तक डीजल खर्च हो रहा है। इसका खर्च उठाना अस्पताल के लिए संभव नहीं है। इसलिए जिम्मेदारों को पत्र भेजकर बिजली संकट की परेशानी से जल्दी छुटकारा दिलवाने की मांग की गई है।
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पत्र में कहा गया है कि बिजली न आने से हर दिन 10 से 15 हजार रुपये के डीजल का खर्च उठाना अस्पताल प्रशासन के लिए संभव नहीं हो पा रहा है। करीब 20 दिन पहले मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पुरुष अस्पताल की विशेष सप्लाई लाइन में आई खराबी के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी।
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बाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने शहर की सप्लाई लाइन से अस्पताल की बिजली सप्लाई लाइन को जोड़ दिया। इसके बाद से अस्पताल में हर दिन आठ से दस घंटे तक जनरेटर चलाने की नौबत आ गई है। डीजल का बढ़ा खर्च जुटाना अस्पताल प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी बना है।
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सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ. एसके गोयल ने बताया कि बिजली सप्लाई बाधित होने से हर दिन डेढ़ सौ लीटर तक डीजल खर्च हो रहा है। इसका खर्च उठाना अस्पताल के लिए संभव नहीं है। इसलिए जिम्मेदारों को पत्र भेजकर बिजली संकट की परेशानी से जल्दी छुटकारा दिलवाने की मांग की गई है।