फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   police make two people accused in a closed case

चार साल पूर्व निस्तारित केस में रिटायर्ड फौजी के बेटे समेत दो को बना दिया आरोपी

Thu, 07 Jan 2021 10:32 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 10:32 PM IST
विज्ञापन
police make two people accused in a closed case
सुल्तानपुर। चार साल पूर्व निस्तारित मुकदमे में अमेठी के बाजार शुकुल थाने की पुलिस ने गजब का कारनामा करते हुए रिटायर्ड फौजी के पुत्र व एक ड्राइवर को अभियुक्त बना दिया। पुलिस की कार्यशैली पर फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की न्यायाधीश पूनम सिंह ने नाराजगी जताते हुए आरोपियों को मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

कोर्ट ने आरोपियों के जेल में रहने को अवैधानिक माना है। अदालत ने मामले में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने के लिए सीजेएम व अमेठी के एसपी के पास आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

अमेठी के कमरौली थाने की पुलिस ने दो दिसंबर 2020 को चोरी की बाइक बरामद की थी। पुलिस ने इस मामले में शिवरतनगंज थाने के सढ़िया गांव निवासी भवानी व ग्राम पूरे सुखचैन तिवारी मजरे सौना निवासी मुश्ताक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट से आरोपियों को पिछले 16 दिसंबर को जमानत मिल गई थी। इसी दौरान पुलिस ने बाजार शुकुल थाने में चार साल पूर्व वर्ष 2016 में दर्ज चोरी के मुकदमे में भी दोनों आरोपियों को अभियुक्त बना दिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रोहित अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने चोरी के जिस केस में भवानी व मुश्ताक को आरोपी बनाया है, वह निस्तारित हो चुका है।
इस केस में पुलिस की ओर से पांच अगस्त 2016 को लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को कोर्ट ने आठ जुलाई 2017 को स्वीकार कर मामला समाप्त कर दिया था। इसी केस में पुलिस ने दोबारा आरोपियों को फंसाया है। आरोपी मुुश्ताक के पिता नफीस उर्फ नासिर रिटायर्ड फौजी हैं।
मुश्ताक बीकाम करके लखनऊ में एमबीए की तैयारी कर रहा है, जबकि आरोपी भवानी ड्राइवर है। मामले की सुनवाई कर रही फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय/एडीजे पूनम सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों को मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने आरोपियों के जेल में रहने को अवैधानिक माना है। उन्होंने मामले में दोषी विवेचक पर कार्रवाई करने के लिए अमेठी के एसपी के पास आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एडीजे ने सीजेएम को भी आदेश की प्रति भेजते हुए निर्देश दिया है कि वे पत्रावली का समग्र रूप से अवलोकन करके कार्रवाई करना सुनिश्चत करें, जिससे भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed