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होली को लेकर बाजारों में उमड़ी भीड़

Fri, 26 Mar 2021 10:04 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Mar 2021 10:04 PM IST
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peoples gathered at market to purchase products for holi
सुल्तानपुर। गांव हो या गली मोहल्ला हर तरफ होली का हल्ला है। होली का उल्लास शबाब पर पहुंच गया है। बच्चों व युवाओं की टोलियां होली की तैयारी में जुट गई हैं।
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होली में दूसरों को खिलाने, मस्ती के लिए ठंडई शरबत पिलाने की तैयारी शुरू हो गई हैं। स्कूल, कॉलेज व दफ्तरों में होली की शुरुआत हो चुकी है। घरों में गुझिया बनाने के लिए सामानों की खरीददारी के लिए बाजार में भीड़ उमड़ने लगी है।
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रंगों के त्योहार होली को लेकर बाजारों में दुकानें सज गई हैं। तरह-तरह के रंग, पिचकारी तो कहीं बच्चों के लिए डिजाइनर धोती-कुर्ता सेट दुकानों की शोभा बढ़ा रहे हैं। गांव की गलियों से लेकर शहर के चौक-चौराहे पर फगुआ की बयार बहने लगी है।
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हुरियारों की टोली को ठंडई वाला शरबत पिलाने के साथ नमकीन व गुझिया खिलाने आदि का इंतजाम करना शुरू कर दिया है। होली से पहले ही स्कूल, कॉलेज व ऑफिसों में इसका रंग चढ़ने लगा है। होली पर दावतें दी जा रही हैं।
होलिका दहन के लिए शहर समेत ग्रामीण अंचल के लोग लकड़ी एकत्र करने में जुट गए हैं। शुक्रवार को दिन भर शहर के चौक इलाके में रंग-गुलाल, पिचकारी व गुझिया के सामनों की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ लगी रही।
गांव में आज भी फगुआ गीत की परंपरा
ग्रामीण अंचलों में आज भी होली पर फगुआ गीत की परंपरा कायम है। वीर रस के अलावा श्रृंगार रस से सराबोर फगुआ गीत गाया जाता है। इसमें गांव के बूढ़े, जवान व बच्चे भी शिरकत करते हैं।
इसके अलावा ढोल-मजीरा के साथ फाग गाते हुरियारों की टोलियां पास के गांव मजरों में भ्रमण करती हैं। दूबेपुर विकास खंड क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी शिवराम तिवारी बताते हैं कि यहां अभी भी पुरानी परंपरा कायम है। होलिका जलाने के समय गांव के लोग एकत्र होते हैं।
होलिका के पास आने वाली महिलाएं होली गीत गाती हैं। दोपहर के वक्त फाग गायन की टीम निकलती है। गांव में घर-घर जाकर टीम में शामिल लोग फाग गीत गाते हैं और एक-दूसरे के गले मिल होली की बधाई देते हैं।
होलिका दहन की होती परिक्रमा
दूबेपुर विकास खंड क्षेत्र के तिवारीपुर फतेहपुर गांव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी पं. राम किशोर त्रिपाठी ने बताया कि शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है। घरों में पहले से गोबर से तैयार किए गए उपले होलिका में डाले जाते हैं।
इसके बाद होलिका की परिक्रमा कर जल चढ़ाया जाता है। होलिका स्थल पर एकत्र लोग आपसी भाईचारे के साथ होलिका की राखी एक-दूसरे के माथे पर तिलक कर गले मिलते हैं और होली की बधाई देते हैं।

होलिका दहन का एक घंटे शुभ मुहूर्त
इस बार होलिका दहन के लिए सिर्फ एक घंटे का शुभ मुहूर्त है। कथा व्यास बृजेशाचार्य महराज ने बताया कि 28 मार्च को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात नौ से 10 बजे के बीच है। एक घंटे के बीच कभी भी होलिका में आग लगाई जा सकती है। होली का रंग 29 मार्च को खेला जाएगा।
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