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साल भर में बढ़े महज 899 मतदाता
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Wed, 25 Nov 2015 10:25 PM IST
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चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे विधानसभा निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम को अधिकारियों ने मजाक बना दिया है। पुनरीक्षण अभियान के नाम पर सिर्फ कोरम पूूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के कार्यों की पोल विधानसभा निर्वाचक नामावली की प्रगति ही खोल रही है। साल भर में 899 मतदाताओं का बढ़ना अधिकारियों के कार्यों की हकीकत बयां कर रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाया जा रहा मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले में मजाक बनकर रह गया है। पुनरीक्षण में बूथ लेवल पर कार्यक्रम को गति नहीं दिए जाने से मतदाताओं की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। अभियान व अधिकारियों के कार्यों की हकीकत विधानसभा निर्वाचक नामावली के नतीजे खोल रहे हैं। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक पिछले वर्ष चलाए गए विधानसभा निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण अभियान की अंतिम सूची पांच जनवरी 2015 को प्रकाशित की गई थी।
उस समय जिले में 17,76,801 मतदाता दर्ज किए गए थे। इसके बाद एक बार फिर संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान आयोग की ओर से चलाया गया। मौजूदा समय में फिर पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्थिति यह है कि करीब साल भर में सिर्फ 899 मतदाता ही बढ़ सके हैं। 10 माह बाद अब जिले में मतदाताओं की संख्या 17,77,730 पर ही पहुंच सकी है।
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बूथ लेवल पर नहीं हो पा रहा कार्य
वंचितों को मतदाता बनाने एवं सूची को सही करने के लिए आयोग अमूमन वर्ष में दो बार पुनरीक्षण कार्यक्रम चला रहा है। आयोग के निर्देश के बाद जिले में दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन कार्य की प्रगति दावों के सच को बयां कर रही है। बूथ लेवल पर अमल नहीं होने से न तो सूची सही हो पा रही है और न ही वंचित मतदाता बन पा रहे हैं।
पंचायत चुनाव की वजह से आ रही बाधा
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी प्रशासन कृष्णलाल तिवारी का कहना है कि पंचायत चुनाव की वजह से मौजूदा समय में प्रगति में बाधा आ रही है। चुनाव बाद दिसंबर में प्रगति बढ़ेगी।
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भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाया जा रहा मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले में मजाक बनकर रह गया है। पुनरीक्षण में बूथ लेवल पर कार्यक्रम को गति नहीं दिए जाने से मतदाताओं की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। अभियान व अधिकारियों के कार्यों की हकीकत विधानसभा निर्वाचक नामावली के नतीजे खोल रहे हैं। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक पिछले वर्ष चलाए गए विधानसभा निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण अभियान की अंतिम सूची पांच जनवरी 2015 को प्रकाशित की गई थी।
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उस समय जिले में 17,76,801 मतदाता दर्ज किए गए थे। इसके बाद एक बार फिर संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान आयोग की ओर से चलाया गया। मौजूदा समय में फिर पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्थिति यह है कि करीब साल भर में सिर्फ 899 मतदाता ही बढ़ सके हैं। 10 माह बाद अब जिले में मतदाताओं की संख्या 17,77,730 पर ही पहुंच सकी है।
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बूथ लेवल पर नहीं हो पा रहा कार्य
वंचितों को मतदाता बनाने एवं सूची को सही करने के लिए आयोग अमूमन वर्ष में दो बार पुनरीक्षण कार्यक्रम चला रहा है। आयोग के निर्देश के बाद जिले में दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन कार्य की प्रगति दावों के सच को बयां कर रही है। बूथ लेवल पर अमल नहीं होने से न तो सूची सही हो पा रही है और न ही वंचित मतदाता बन पा रहे हैं।
पंचायत चुनाव की वजह से आ रही बाधा
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी प्रशासन कृष्णलाल तिवारी का कहना है कि पंचायत चुनाव की वजह से मौजूदा समय में प्रगति में बाधा आ रही है। चुनाव बाद दिसंबर में प्रगति बढ़ेगी।