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अधिग्रहीत जमीन का एक करोड़ मुआवजा हड़पा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:59 PM IST
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सुल्तानपुर-वाराणसी फोरलेन के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे में फिर हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है। लंभुआ कस्बे के दो बैनामादारों ने भूखंड के सहखातेदार के हिस्से की एक करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से हड़प ली।
डीएम के निर्देश के बाद भी सक्षम अधिकारियों की ढिलाई से आरोपियों ने मुआवजे की धनराशि बैंक खाते से निकाल ली। दोबारा डीएम के आदेश पर एसडीएम ने लंभुआ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
मामला स्थानीय कस्बे का है। गांव निवासी तुलसी पुत्र झिंगुरी के नाम जमीन अभिलेखों में दर्ज थी। वर्ष 2008 में तुलसी की मौत हो जाने पर भूमि उसके दोनों पुत्रों सालिकराम व राधेश्याम के नाम दर्ज हो गई।
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जमीन अपने नाम आने पर तुलसी के छोटे पुत्र राधेश्याम ने अपने हिस्से की पूरी जमीन कस्बा निवासी दुर्गावती पत्नी रामजग और अमरावती पत्नी छोटेलाल यादव को वर्ष 2011 में बैनामा कर दिया था।
सालिकराम के हिस्से की भूमि उसी के नाम रही। बैनामे के बाद फोरलेन के अधिग्रहण के दौरान इस भूखंड की कुछ भूमि अधिग्रहीत कर ली गई। अधिग्रहण के सर्वे के दौरान ही इस भूखंड के बैनामादारों से मिलीभगत करके अधिकारियों-कर्मचारियों ने गड़बड़ी की।
फोरलेन की सर्वे आख्या में अधिकारियों-कर्मचारियों ने बैनामादार से मिलीभगत करके सालिकराम की कुछ जमीन सर्वे में गोलमोल कर दी और उसका अंश अप्रभावित दिखा दिया।
तहसील व राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य में लगे अधिकारियों ने बैनामादार दुर्गावती और अमरावती को अधिग्रहीत भूमि का मालिक बना दिया। मालिक बनाकर आनन-फानन भूमि के मुआवजे की धनराशि करीब तीन करोड़ रुपया भुगतान भी कर दिया।
अपने हिस्से की भूमि का भुगतान भी बैनामादार अमरावती व दुर्गावती को किए जाने की सूचना लगते ही सालिकराम दंग रह गया। उसने भूमि का करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की मुआवजा राशि का भुगतान गलत तरीके से दोनों महिला बैनामादारों के खाते में भेजने की शिकायत जब एसडीएम/प्रभारी अधिकारी व एनएचएआई के अधिकारियों से की तो उसे दबा दिया गया।
पीड़ित किसान सालिकराम ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने धनराशि की निकासी पर रोक लगाने के लिए एसडीएम रमेशचंद्र शुक्ल को खाता सीज करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद धनराशि निकलने के बाद खाता सीज कराया गया।
किसान फिर डीएम के पास पहुंचा तो आरोपी अमरावती और दुर्गावती के खिलाफ लंभुआ थाने में एसडीएम ने मुकदमा दर्ज कराया। बैनामादारों पर एक करोड़ चार लाख 15 हजार 498 रुपये हड़पने का आरोप है। एसडीएम लंभुआ रमेशचंद्र शुक्ल ने बताया कि अमरावती व दुर्गावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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डीएम के निर्देश के बाद भी सक्षम अधिकारियों की ढिलाई से आरोपियों ने मुआवजे की धनराशि बैंक खाते से निकाल ली। दोबारा डीएम के आदेश पर एसडीएम ने लंभुआ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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मामला स्थानीय कस्बे का है। गांव निवासी तुलसी पुत्र झिंगुरी के नाम जमीन अभिलेखों में दर्ज थी। वर्ष 2008 में तुलसी की मौत हो जाने पर भूमि उसके दोनों पुत्रों सालिकराम व राधेश्याम के नाम दर्ज हो गई।
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जमीन अपने नाम आने पर तुलसी के छोटे पुत्र राधेश्याम ने अपने हिस्से की पूरी जमीन कस्बा निवासी दुर्गावती पत्नी रामजग और अमरावती पत्नी छोटेलाल यादव को वर्ष 2011 में बैनामा कर दिया था।
सालिकराम के हिस्से की भूमि उसी के नाम रही। बैनामे के बाद फोरलेन के अधिग्रहण के दौरान इस भूखंड की कुछ भूमि अधिग्रहीत कर ली गई। अधिग्रहण के सर्वे के दौरान ही इस भूखंड के बैनामादारों से मिलीभगत करके अधिकारियों-कर्मचारियों ने गड़बड़ी की।
फोरलेन की सर्वे आख्या में अधिकारियों-कर्मचारियों ने बैनामादार से मिलीभगत करके सालिकराम की कुछ जमीन सर्वे में गोलमोल कर दी और उसका अंश अप्रभावित दिखा दिया।
तहसील व राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य में लगे अधिकारियों ने बैनामादार दुर्गावती और अमरावती को अधिग्रहीत भूमि का मालिक बना दिया। मालिक बनाकर आनन-फानन भूमि के मुआवजे की धनराशि करीब तीन करोड़ रुपया भुगतान भी कर दिया।
अपने हिस्से की भूमि का भुगतान भी बैनामादार अमरावती व दुर्गावती को किए जाने की सूचना लगते ही सालिकराम दंग रह गया। उसने भूमि का करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की मुआवजा राशि का भुगतान गलत तरीके से दोनों महिला बैनामादारों के खाते में भेजने की शिकायत जब एसडीएम/प्रभारी अधिकारी व एनएचएआई के अधिकारियों से की तो उसे दबा दिया गया।
पीड़ित किसान सालिकराम ने डीएम से शिकायत की। डीएम ने धनराशि की निकासी पर रोक लगाने के लिए एसडीएम रमेशचंद्र शुक्ल को खाता सीज करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद धनराशि निकलने के बाद खाता सीज कराया गया।
किसान फिर डीएम के पास पहुंचा तो आरोपी अमरावती और दुर्गावती के खिलाफ लंभुआ थाने में एसडीएम ने मुकदमा दर्ज कराया। बैनामादारों पर एक करोड़ चार लाख 15 हजार 498 रुपये हड़पने का आरोप है। एसडीएम लंभुआ रमेशचंद्र शुक्ल ने बताया कि अमरावती व दुर्गावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।