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Sultanpur News: सब्जी की खेती से ओमप्रकाश ने पकड़ी तरक्की की राह
Fri, 23 May 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 23 May 2025 12:53 AM IST
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रुदौली गांव में सब्जी की खेती दिखाते किसान ओमप्रकाश वर्मा। संवाद
शिवगढ़ (सुल्तानपुर)। रुदौली गांव निवासी ओमप्रकाश वर्मा सब्जियों की खेती से खूब तरक्की कर रहे हैं। पालक, भिंडी, मूली, धनिया, नेनुआ और टमाटर की फसल से वे प्रतिदिन लगभग तीन से चार हजार रुपये मुनाफा कमा लेते हैं। इसी से उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
भदैंया के रुदौली निवासी 55 वर्षीय ओमप्रकाश वर्मा तंगहाली के चलते सिर्फ कक्षा आठ तक ही पढ़ सके हैं। वर्ष 2001 में उन्होंने सब्जी से खेती की शुरुआत की। आमदनी हुई तो सब्जियों की खेती का दायरा बढ़ा दिया। 15 वर्षों से वह पांच बीघे में सब्जी की खेती कर रहे हैं।
वर्तमान समय में उनके खेत में पालक, भिंडी, मूली, धनिया, नेनुआ और टमाटर लगे हैं। प्रतिदिन दो कैरेट टमाटर, एक कैरेट पालक, दो कैरेट भिंडी, दो कैरेट नेनुआ और एक बोरी धनिया अमहट मंडी में बेचते हैं। रोजाना लगभग तीन से चार हजार रुपये की आमदनी हो जाती है।
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अमहट के अलावा कंधईपुर बाजार में भी बेचते हैं सब्जी
किसान ओमप्रकाश अमहट सब्जी मंडी के अलावा स्थानीय बाजार कंधईपुर में भी दुकान लगाते हैं। वे बताते हैं कि फुटकर में सब्जियां बेचने से ज्यादा मुनाफा मिलता है। थोक भाव में बेचने से आमदनी कम होती है।
सब्जी की आमदनी से किए ये काम
सब्जी से होने वाली आमदनी से ओमप्रकाश ने नया मकान बनवा लिया। चार बेटियों को पढ़ा-लिखाकर उनकी अच्छे घरों में शादी कर दी। एक बेटा है जो पोस्ट ग्रेजुएट है। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
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भदैंया के रुदौली निवासी 55 वर्षीय ओमप्रकाश वर्मा तंगहाली के चलते सिर्फ कक्षा आठ तक ही पढ़ सके हैं। वर्ष 2001 में उन्होंने सब्जी से खेती की शुरुआत की। आमदनी हुई तो सब्जियों की खेती का दायरा बढ़ा दिया। 15 वर्षों से वह पांच बीघे में सब्जी की खेती कर रहे हैं।
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वर्तमान समय में उनके खेत में पालक, भिंडी, मूली, धनिया, नेनुआ और टमाटर लगे हैं। प्रतिदिन दो कैरेट टमाटर, एक कैरेट पालक, दो कैरेट भिंडी, दो कैरेट नेनुआ और एक बोरी धनिया अमहट मंडी में बेचते हैं। रोजाना लगभग तीन से चार हजार रुपये की आमदनी हो जाती है।
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अमहट के अलावा कंधईपुर बाजार में भी बेचते हैं सब्जी
किसान ओमप्रकाश अमहट सब्जी मंडी के अलावा स्थानीय बाजार कंधईपुर में भी दुकान लगाते हैं। वे बताते हैं कि फुटकर में सब्जियां बेचने से ज्यादा मुनाफा मिलता है। थोक भाव में बेचने से आमदनी कम होती है।
सब्जी की आमदनी से किए ये काम
सब्जी से होने वाली आमदनी से ओमप्रकाश ने नया मकान बनवा लिया। चार बेटियों को पढ़ा-लिखाकर उनकी अच्छे घरों में शादी कर दी। एक बेटा है जो पोस्ट ग्रेजुएट है। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।