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अधिकारी ही हजम कर जा रहे मौत का आंकड़ा
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सुल्तानपुर। आश्रय स्थलों में हो रही गोवंशों की मौत के आंकड़े को अधिकारी ही छिपा रहे हैं। आंकड़ों को छिपाने के लिए अधिकारियों एवं संचालकों ने अच्छा रास्ता निकाला है।
टैगिंग नहीं होने से अफसरों को आश्रय स्थलों में गोवंशों की कागजों में मनमानी संख्या दिखाने एवं मौत को पचाने का आसान जरिया हो गया है। इसकी आड़ में आश्रय स्थल संचालक व टीम में शामिल लोग शासन की मंशा से खिलवाड़ कर रहे हैं।
शासन ने आश्रय स्थलों में रखे जाने वाले गोवंशों की टैगिंग करने का निर्देश पशु पालन विभाग को दिया है। प्रशासन पर कार्यों के सही संचालन की देखरेख का जिम्मा है।
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शासन के निर्देश के बाद भी जिले में संचालित 28 आश्रय स्थलों में गोवंश तो बड़ी संख्या में रखे गए हैं लेकिन उनकी टैगिंग नहीं हो सकी है। सभी गोवंशों की टैगिंग नहीं किए जाने का खुलासा डीएम सी इंदुमती की ओर से सीताकुंड पर नगरपालिका से संचालित आश्रय स्थल के निरीक्षण में हो चुका है।
डीएम को मौजूद सभी गोवंशों की टैगिंग नहीं मिली थी। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी को टैगिंग करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों की मानें तो पशुपालन विभाग व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ करके संचालक रखे गए सभी गोवंशों की टैगिंग नहीं करवाते हैं। सिर्फ उनके नाम पर सरकार से मिलने वाली धनराशि हजम करते हैं।
गोवंशों की मौत को लेकर चर्चा में आए हलियापुर में संचालित आश्रय स्थल की असलियत पर भी पर्दा डालने का प्रयास चल रहा है। सूत्रों की मानें तो सिर्फ 11,12 व 13 जुलाई को ही 50 से अधिक गोवंशों की मौत हलियापुर आश्रय स्थल में हो चुकी है।
सूचना पर स्थानीय अधिकारियों की देखरेख में गोवंशों के शव को जेसीबी से आश्रय स्थल के भीतर ही दफन कर दिया गया है लेकिन मौत की संख्या सिर्फ पांच दिखाई जा रही है।
शेष गोवंशों को भाग जाना दिखाया जा रहा है। टैगिंग नहीं होने से अधिकारी आंकड़े को हजम करने के प्रयास में हैं। पशु चिकित्सक डॉ. इंद्रजीत वर्मा का कहना है कि सिर्फ पांच गाय मरी हैं।
बल्दीराय। हलियापुर गोवंश आश्रय स्थल में पांच गायों की रविवार को भी मौत हो गई लेकिन अधिकारी कोई मौत नहीं बता रहे हैं। मृतक गायों को आश्रय स्थल में ही दफना दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी रविवार को हुई मौत को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
हलियापुर में संचालित गोवंश आश्रय स्थल में रखे गए गोवंशों की मौजूदा संख्या व टैगिंग में भी अंतर है। पशु पालन विभाग के आंकड़ों में आश्रय स्थल में रखे गोवंशों की संख्या 629 दर्शाई गई है। मौके पर टैगिंग सिर्फ 580 की है।
गोवंशों की लगातार हो रही मौतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की शाम जिलाधिकारी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जानकारी ली। डीएम ने मुख्यमंत्री को जिले में 24 गोवंशों के मौत की जानकारी दी। साथ ही व्यवस्था के संबंध में भी बताया। मुख्यमंत्री ने डीएम को गोवंशों के संरक्षण का निर्देश दिया है।
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टैगिंग नहीं होने से अफसरों को आश्रय स्थलों में गोवंशों की कागजों में मनमानी संख्या दिखाने एवं मौत को पचाने का आसान जरिया हो गया है। इसकी आड़ में आश्रय स्थल संचालक व टीम में शामिल लोग शासन की मंशा से खिलवाड़ कर रहे हैं।
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शासन ने आश्रय स्थलों में रखे जाने वाले गोवंशों की टैगिंग करने का निर्देश पशु पालन विभाग को दिया है। प्रशासन पर कार्यों के सही संचालन की देखरेख का जिम्मा है।
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शासन के निर्देश के बाद भी जिले में संचालित 28 आश्रय स्थलों में गोवंश तो बड़ी संख्या में रखे गए हैं लेकिन उनकी टैगिंग नहीं हो सकी है। सभी गोवंशों की टैगिंग नहीं किए जाने का खुलासा डीएम सी इंदुमती की ओर से सीताकुंड पर नगरपालिका से संचालित आश्रय स्थल के निरीक्षण में हो चुका है।
डीएम को मौजूद सभी गोवंशों की टैगिंग नहीं मिली थी। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी को टैगिंग करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों की मानें तो पशुपालन विभाग व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ करके संचालक रखे गए सभी गोवंशों की टैगिंग नहीं करवाते हैं। सिर्फ उनके नाम पर सरकार से मिलने वाली धनराशि हजम करते हैं।
गोवंशों की मौत को लेकर चर्चा में आए हलियापुर में संचालित आश्रय स्थल की असलियत पर भी पर्दा डालने का प्रयास चल रहा है। सूत्रों की मानें तो सिर्फ 11,12 व 13 जुलाई को ही 50 से अधिक गोवंशों की मौत हलियापुर आश्रय स्थल में हो चुकी है।
सूचना पर स्थानीय अधिकारियों की देखरेख में गोवंशों के शव को जेसीबी से आश्रय स्थल के भीतर ही दफन कर दिया गया है लेकिन मौत की संख्या सिर्फ पांच दिखाई जा रही है।
शेष गोवंशों को भाग जाना दिखाया जा रहा है। टैगिंग नहीं होने से अधिकारी आंकड़े को हजम करने के प्रयास में हैं। पशु चिकित्सक डॉ. इंद्रजीत वर्मा का कहना है कि सिर्फ पांच गाय मरी हैं।
बल्दीराय। हलियापुर गोवंश आश्रय स्थल में पांच गायों की रविवार को भी मौत हो गई लेकिन अधिकारी कोई मौत नहीं बता रहे हैं। मृतक गायों को आश्रय स्थल में ही दफना दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी रविवार को हुई मौत को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
हलियापुर में संचालित गोवंश आश्रय स्थल में रखे गए गोवंशों की मौजूदा संख्या व टैगिंग में भी अंतर है। पशु पालन विभाग के आंकड़ों में आश्रय स्थल में रखे गोवंशों की संख्या 629 दर्शाई गई है। मौके पर टैगिंग सिर्फ 580 की है।
गोवंशों की लगातार हो रही मौतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की शाम जिलाधिकारी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जानकारी ली। डीएम ने मुख्यमंत्री को जिले में 24 गोवंशों के मौत की जानकारी दी। साथ ही व्यवस्था के संबंध में भी बताया। मुख्यमंत्री ने डीएम को गोवंशों के संरक्षण का निर्देश दिया है।