कई विभागों की बंदी से जनता परेशान
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सुल्तानपुर/अमेठी। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर जिले में हड़ताल का खासा असर दिखा। सुल्तानपुर में एसबीआई को छोड़कर तकरीबन सारे बैंकों में कामकाज ठप रहा। आंदोलित कर्मियों ने दावा किया कि एसबीआई ने उन्हें समर्थन दिया है। बैंकों की बंदी से सुल्तानपुर में लगभग 40 करोड़ व अमेठी में चार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। डाकघरों, टेलीफोन, एलआईसी समेत कई विभागों की बंदी से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बैंक, दूर संचार, डाक घर, शिक्षा, सिंचाई, परिवहन समेत कई विभागों के कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध भी जताया। आंदोलन के दौरान शांति बनी रही। बैंक बंद होने से दूरदराज से आए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डाकघरों में लेनदेन ठप रहा। रजिस्ट्री के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा।
हड़ताल और आंदोलन के नाम रहा बुधवार
केंद्रीय समिति संगठनों के आह्वान पर 12 सूत्री मांगों को लेकर विभिन्न विभागों के कर्मी हड़ताल पर रहे। मिनिस्टीरेियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट के कर्मी अध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में हड़ताल पर रहे। सिंचाई विभाग के कर्मियों ने उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ सदस्यों के साथ मिलकर जुलूस निकाला। उप्र कर्मचारी शिक्षक समन्वयक समिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार पांडेय के नेतृत्व में कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने 29 सूत्री मांगों को लेकर तिकोनिया पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर संघ के प्रचार मंत्री निजाम खान, संयुक्त मंत्री बृजेश सिंह, संयोजक राम विशाल द्विवेदी, महामंत्री गोरख प्रसाद यादव समेत बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे। उप्र बिजली कर्मचारी संघ के मंडल मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी के नेतृत्व में कर्मियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शारदा पांडेय, राम चंदर गुप्ता, कपिलदेव, राम चंदर चौरसिया सहित विभाग के कर्मी उपस्थित रहे। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले बैंकों में हड़ताल की गई। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों के विरोध में देश में करोड़ों कामगार हड़ताल पर हैं। सुनील मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों के हित के लिए केंद्र सरकार को जल्द ही ठोस कदम उठाना चाहिए। तिकोनिया पार्क में आयोजित सभा में एसएफआई के विवेक विक्रम सिंह, प्रशांत दुबे समेत कई लोग मौजूद रहे। हड़ताल में मजदूर संगठनों के अलावा एलआईसी, डाकघर, दूरसंचार के कर्मी शामिल रहे। राजनीतिक पार्टियों सीपीआई, सीपीआई (एम) जनवादी नवजवान सभा, भाकपा सहित कई पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
प्राइवेट वाहनों की रही चांदी
सुल्तानपुर। हड़ताल की वजह से रोडवेज की बसों का परिचालन ठप रहा। इस दौरान लखनऊ, इलाहाबाद, फैजाबाद, जौनपुर, अमेठी, गौरीगंज जाने वाले यात्री प्राइवेट वाहनों में बैठ कर गए। वाहन चालकों ने मजबूरी का फायदा उठा यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला। लखनऊ ख्नके लिए तीन-तीन सौ रुपये तक किराया वसूला गया।
बसों के थमे पहिए, 10 लाख का हुआ घाटा
फोटो संख्या-20
सुल्तानपुर। ट्रेड यूनियन की हड़ताल में परिवहन निगम के कर्मचारियों के शामिल होने से बुधवार को रोडवेज बसों के पहिए थम गए। सुबह से लेकर शाम चार बजे तक रोडवेज की 66 बसें और अनुबंधित 32 बसों का संचालन ठप रहा। अमहट स्थित रोडवेज डिपो की वर्कशाप में कर्मचारियों ने नारेबाजी की। एआरएम एसएन शुक्ल ने बताया कि बसों के नहीं चलने से निगम को करीब 10 लाख रुपये का घाटा हुआ है। शाम चार बजे के बाद हड़ताल समाप्त होने पर बसों का संचालन शुरू हो गया।
बंद रहे बीएसएनएल के काउंटर
सुल्तानपुर। 12 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को बीएसएनएल कर्मियों ने हड़ताल की। हड़ताल में बीएसएनएल की सभी ट्रेड यूनियनों ने भाग लिया। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से काम ठप रहा। डाकखाना चौराहा के निकट स्थित बीएसएन ऑफिस के सामने कर्मचारियों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव एचएस मिश्र ने मांगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल से सभी एक्सचेंज व काउंटर बंद रहे। इस मौके पर एपी तिवारी, अरविंद सिंह, घनश्याम यादव, अरविंद पांडेय, नृसिंह यादव, आशुतोष त्रिपाठी, अखिलेश मिश्र, रामअचल मौजूद रहे।