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प्रोफेशनल कोर्स के लिए अल्पसंख्यक बच्चों को मिलेगा शैक्षिक ऋण
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अमेठी। अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को प्रोफेशनल कोर्स में धनाभाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन ने वित्तपोषित शैक्षिक ऋण देने की योजना बनाई है। इसके लिए निदेशक ने विभाग को पत्र भेजा है। पत्र मिलने के बाद अल्पसंख्यक विभाग ने देश-विदेश में पांच वर्षीय रोजगार परक पाठ्यक्रम का अध्ययन करने के इच्छुक बच्चों से 20 दिसंबर तक आवेदन करने को कहा है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम ने अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में धनाभाव की परेशानी से बचाने के लिए तीन प्रतिशत ब्याज दर पर शैक्षिक ऋण देने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रबंध निदेशक आरपी सिंह ने अल्पसंख्यक विभाग को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
निदेशक का पत्र मिलने के बाद अल्पसंख्यक विभाग ने प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी तथा जैन समुदाय से संबंधित छात्र-छात्राओं से 20 दिसंबर तक आवेदन मांगा है। आवेदन के बाद जिलास्तरीय कमेटी बच्चों का चयन करते हुए देश के भीतर पांच वर्षीय ऐसे पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने वाले बच्चों को 20 लाख रुपये तथा विदेश में अध्ययनरत बच्चों को 30 लाख रुपये तक शैक्षिक ऋण तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिलाएगी।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के वक्फ निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि योजना का लाभ ऐसे आवेदकों को मिलेगा जिनकी आयु 16-32 वर्ष हो तथा उसके परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 98 हजार व शहरी क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं हो। इसके अतिरिक्त आधार से लिंकअप बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है। योजना में निशक्तों को वरीयता दी जाएगी।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि योजना के तहत आवेदन करते समय आवेदक को वार्षिक आय प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के लिए संस्था का प्रमाणित पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम ने अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में धनाभाव की परेशानी से बचाने के लिए तीन प्रतिशत ब्याज दर पर शैक्षिक ऋण देने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रबंध निदेशक आरपी सिंह ने अल्पसंख्यक विभाग को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
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निदेशक का पत्र मिलने के बाद अल्पसंख्यक विभाग ने प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी तथा जैन समुदाय से संबंधित छात्र-छात्राओं से 20 दिसंबर तक आवेदन मांगा है। आवेदन के बाद जिलास्तरीय कमेटी बच्चों का चयन करते हुए देश के भीतर पांच वर्षीय ऐसे पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने वाले बच्चों को 20 लाख रुपये तथा विदेश में अध्ययनरत बच्चों को 30 लाख रुपये तक शैक्षिक ऋण तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिलाएगी।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के वक्फ निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि योजना का लाभ ऐसे आवेदकों को मिलेगा जिनकी आयु 16-32 वर्ष हो तथा उसके परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 98 हजार व शहरी क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं हो। इसके अतिरिक्त आधार से लिंकअप बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है। योजना में निशक्तों को वरीयता दी जाएगी।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि योजना के तहत आवेदन करते समय आवेदक को वार्षिक आय प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, प्रोफेशनल कोर्स में दाखिले के लिए संस्था का प्रमाणित पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।