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Sultanpur News: मासूम की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद
Tue, 11 Jun 2024 02:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 11 Jun 2024 02:11 AM IST
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सुल्तानपुर। चार साल के मासूम की कुएं में फेंककर हत्या करने के मामले में एडीजे चतुर्थ जलाल मोहम्मद अकबर ने सोमवार को आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला अमेठी जिले के पीपरपुर थाने के खानापुर गांव से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के एडीजीसी क्रिमिनल के मुताबिक खानापुर गांव के पूर्णमासी की पुत्री संतोषा देवी की शादी पीपरपुर थाने के सेंधुआ (संसारीपुर) गांव निवासी कल्लू के साथ घटना से करीब सात वर्ष पूर्व हुई थी। संतोषा देवी के दो पुत्र युवराज (5) व ऋषिराज (4) थे। संतोषा देवी को उसका जेठ मातादीन कोरी काफी दिनों से प्रताड़ित कर रहा था। इससे परेशान होकर संतोषा देवी अपने मायके में रहने लगी थी।
मातादीन 16 सितंबर 2014 की रात करीब साढ़े 11 बजे संतोषा देवी के मायके पहुंचा था। उसने संतोषा देवी के साथ सो रहे उसके चार साल के पुत्र ऋषिराज को जबरन छीन लिया था और उसे घर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया था। विरोध करने पर आरोपी मातादीन संतोषा देवी की पिटाई कर भाग गया था। ग्रामीणों की मदद से ऋषिराज को कुएं से निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। बच्चे के नाना पूर्णमासी ने आरोपी मातादीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी मातादीन कोरी को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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अभियोजन पक्ष के एडीजीसी क्रिमिनल के मुताबिक खानापुर गांव के पूर्णमासी की पुत्री संतोषा देवी की शादी पीपरपुर थाने के सेंधुआ (संसारीपुर) गांव निवासी कल्लू के साथ घटना से करीब सात वर्ष पूर्व हुई थी। संतोषा देवी के दो पुत्र युवराज (5) व ऋषिराज (4) थे। संतोषा देवी को उसका जेठ मातादीन कोरी काफी दिनों से प्रताड़ित कर रहा था। इससे परेशान होकर संतोषा देवी अपने मायके में रहने लगी थी।
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मातादीन 16 सितंबर 2014 की रात करीब साढ़े 11 बजे संतोषा देवी के मायके पहुंचा था। उसने संतोषा देवी के साथ सो रहे उसके चार साल के पुत्र ऋषिराज को जबरन छीन लिया था और उसे घर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया था। विरोध करने पर आरोपी मातादीन संतोषा देवी की पिटाई कर भाग गया था। ग्रामीणों की मदद से ऋषिराज को कुएं से निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। बच्चे के नाना पूर्णमासी ने आरोपी मातादीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए 10 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सोमवार को कोर्ट ने आरोपी मातादीन कोरी को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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