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Sultanpur News: लाभार्थियों का सैकड़ों क्विंटल चावल किया हजम
Thu, 07 Nov 2024 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:58 PM IST
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सुल्तानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों का सैकड़ों क्विंटल फोर्टिफाइड (विटामिन युक्त) चावल कोटेदार हजम कर जा रहे हैं। बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण में आठ सेंटरों में कोटेदारों के कारनामे की पोल खुली है।
दूबेपुर के अहिमाने गांव के तीन सेंटरों पर आंगनबाड़ी के लाभार्थियों को अगस्त 2023 से फोर्टिफाइड चावल का वितरण नहीं हुआ। यही हाल ब्लॉक के लौहर दक्षिण के पांच सेंटरों का मिला। इन सेंटरों पर करीब डेढ़ साल से चावल का वितरण कोटेदार ने नहीं किया है।
विभागीय सूत्रों की ओर बताया जा रहा है कि जिले के सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के हिस्से का चावल कोटेदार प्रतिमाह हजम कर जा रहे हैं। जिसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। फोर्टिफाइड चावल को बाजारों में अच्छे दामों पर बेचा जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि बीते माह लंभुआ सेंटर का मामला सामने आया था। डीपीओ की ओर से किए गए आठ केंद्रों पर निरीक्षण में इसकी पोल खुली है। अहिमाने के तीन केंद्रों के 504 व लौहर दक्षिण के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों के 649 लाभार्थियों को कोटेदार ने करीब डेढ़ साल से चावल का वितरण नहीं किया है। आठ सेंटरों पर वितरण नहीं पाए जाने पर डीपीओ चौंक गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व बच्चों के अभिभावकों ने भी चावल नहीं मिलने की बात स्वीकार की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को कोटेदारों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। केंद्रों का चावल वितरित नहीं करके कोटेदार लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र व लाभार्थीवार मिलने वाला चावल
लाभार्थी- संख्या- प्रति लाभार्थी चावल की मात्रा
सात माह से तीन साल- 1,14,250- एक किलो
तीन से छह साल- 1,24, 612- आधा किलो
कुपोषित- 3,284- डेढ़ किलो
गर्भवती- 17,316- एक किलो
धात्री- 12,428- एक किलो
डीएसओ को लिखा कार्रवाई के लिए पत्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आठ सेंटरों के निरीक्षण में कोटेदारों की ओर से करीब डेढ़ साल से चावल का वितरण नहीं करना पाया गया है। अहिमाने के तीन सेंटरों पर अंतिम बार कोटेदार ने जुलाई 2023 में चावल का वितरण किया था। वितरण नहीं करने वाले कोटेदारों पर कार्रवाई के लिए डीएसओ को पत्र लिखा गया है।
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दूबेपुर के अहिमाने गांव के तीन सेंटरों पर आंगनबाड़ी के लाभार्थियों को अगस्त 2023 से फोर्टिफाइड चावल का वितरण नहीं हुआ। यही हाल ब्लॉक के लौहर दक्षिण के पांच सेंटरों का मिला। इन सेंटरों पर करीब डेढ़ साल से चावल का वितरण कोटेदार ने नहीं किया है।
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विभागीय सूत्रों की ओर बताया जा रहा है कि जिले के सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के हिस्से का चावल कोटेदार प्रतिमाह हजम कर जा रहे हैं। जिसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। फोर्टिफाइड चावल को बाजारों में अच्छे दामों पर बेचा जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि बीते माह लंभुआ सेंटर का मामला सामने आया था। डीपीओ की ओर से किए गए आठ केंद्रों पर निरीक्षण में इसकी पोल खुली है। अहिमाने के तीन केंद्रों के 504 व लौहर दक्षिण के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों के 649 लाभार्थियों को कोटेदार ने करीब डेढ़ साल से चावल का वितरण नहीं किया है। आठ सेंटरों पर वितरण नहीं पाए जाने पर डीपीओ चौंक गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व बच्चों के अभिभावकों ने भी चावल नहीं मिलने की बात स्वीकार की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को कोटेदारों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। केंद्रों का चावल वितरित नहीं करके कोटेदार लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र व लाभार्थीवार मिलने वाला चावल
लाभार्थी- संख्या- प्रति लाभार्थी चावल की मात्रा
सात माह से तीन साल- 1,14,250- एक किलो
तीन से छह साल- 1,24, 612- आधा किलो
कुपोषित- 3,284- डेढ़ किलो
गर्भवती- 17,316- एक किलो
धात्री- 12,428- एक किलो
डीएसओ को लिखा कार्रवाई के लिए पत्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आठ सेंटरों के निरीक्षण में कोटेदारों की ओर से करीब डेढ़ साल से चावल का वितरण नहीं करना पाया गया है। अहिमाने के तीन सेंटरों पर अंतिम बार कोटेदार ने जुलाई 2023 में चावल का वितरण किया था। वितरण नहीं करने वाले कोटेदारों पर कार्रवाई के लिए डीएसओ को पत्र लिखा गया है।