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भुलाया नहीं जा सकता गुरु तेग बहादुर का बलिदान
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Wed, 16 Dec 2015 10:31 PM IST
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गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारे में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह कीर्तन दरबार अरदास के बाद लंगर का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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बुधवार को सिख गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस मनाया गया। शहर के गुुरुद्वारे में सुबह कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे से 10 बजे तक चले कीर्तन दरबार में अखंड साहिब का पाठ किया गया। इस दौरान गुरु तेग बहादुर के जीवन पर प्रकाश भी डाला गया। ज्ञानी कुलदीप सिंह सागर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता है।
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औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर को धर्म परिर्वतन का विरोध करने पर दिल्ली के चांदनी चौक के पास उनकी नृशंस हत्या कर दी थी। वहां आज भी उनकी स्मृति में शीशगंज गुरुद्वारा है। शहीदी दिवस के रूप में गुरु तेग बहादुर के त्याग और बलिदान को याद किया जाता है। सरदार मनोहर सिंह कलेर के परिवार की ओर से अंखड साहिब के पाठ बाद लंगर का आयोजन किया गया। लंगर में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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