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Sultanpur News: दिखने लगी दुर्गापूजा महोत्सव की झलक, बनने लगे पंडाल
Fri, 12 Sep 2025 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 12 Sep 2025 01:25 AM IST
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ठठेरीबाजार में बन रहा बड़ी दुर्गा का भव्य पंडाल।
सुल्तानपुर। दुर्गापूजा महोत्सव का रंग जिले में धीरे-धीरे चढ़ने लगा है। शहर की गलियों और प्रमुख स्थानों पर पंडाल सजने शुरू हो गए हैं। इस बार भी ठठेरी बाजार और नेशनल टॉकीज रोड पर भव्य पंडाल बनाए जा रहे हैं। झारखंड और अन्य प्रदेशों से आए कारीगर दिन-रात सजावट में जुटे हैं। यहां की दुर्गापूजा पूरे देश में अपनी अनोखी परंपरा और भव्यता के लिए जानी जाती है।
यहां का महोत्सव दशहरे के दिन से आरंभ होकर करीब एक हफ्ते तक चलता है। खास बात यह है कि जब अन्य स्थानों पर नवरात्र और पूजा समापन की ओर बढ़ते हैं, तब जिले का महोत्सव अपने चरम पर होता है। महोत्सव की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विसर्जन शोभायात्रा दो से तीन दिन तक लगातार चलती है। इन दिनों श्रद्धालु और दर्शक महोत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर रहते हैं। दुर्गा मूर्ति की स्थापना करने वाले शोभित ने बताया कि पंडाल के लिए झारखंड के मजदूर आए हैं, काम तेजी से चल रहा है।
1959 से शुरू हुई परंपरा
शहर के ठठेरी बाजार में वर्ष 1959 में एक प्रतिमा से शुरू हुई दुर्गापूजा अब 300 से अधिक प्रतिमाओं तक पहुंच चुकी है। महोत्सव की भव्यता देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार दुर्गापूजा महोत्सव दो अक्टूबर से शुरू होगा। इसकी तैयारियों के लिए केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति की बैठक डीएम के साथ हो चुकी है। सुरक्षा, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
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यहां का महोत्सव दशहरे के दिन से आरंभ होकर करीब एक हफ्ते तक चलता है। खास बात यह है कि जब अन्य स्थानों पर नवरात्र और पूजा समापन की ओर बढ़ते हैं, तब जिले का महोत्सव अपने चरम पर होता है। महोत्सव की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विसर्जन शोभायात्रा दो से तीन दिन तक लगातार चलती है। इन दिनों श्रद्धालु और दर्शक महोत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर रहते हैं। दुर्गा मूर्ति की स्थापना करने वाले शोभित ने बताया कि पंडाल के लिए झारखंड के मजदूर आए हैं, काम तेजी से चल रहा है।
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1959 से शुरू हुई परंपरा
शहर के ठठेरी बाजार में वर्ष 1959 में एक प्रतिमा से शुरू हुई दुर्गापूजा अब 300 से अधिक प्रतिमाओं तक पहुंच चुकी है। महोत्सव की भव्यता देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार दुर्गापूजा महोत्सव दो अक्टूबर से शुरू होगा। इसकी तैयारियों के लिए केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति की बैठक डीएम के साथ हो चुकी है। सुरक्षा, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
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