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मुफ्त सफर : दावों में सुविधा... हकीकत में मिले धक्के
Fri, 28 Aug 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:27 AM IST
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रोडवेज बस अड्डे पर बस में चढ़ने के लिए मशक्कत करते यात्री। संवाद
सुल्तानपुर। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की जल्दी दिखी। सफर मुफ्त होने की खुशी थी। बस स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों की यह खुशी इंतजार और धक्का-मुक्की में बदल गई। बृहस्पतिवार को शहर के रोडवेज बस स्टेशन पर दोपहर होते-होते पैर रखने तक की जगह नहीं बची। लखनऊ, प्रयागराज, अयोध्या और अमेठी जाने वाली बसों के इंतजार में यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं। बस आते ही यात्रियों का हुजूम दरवाजे की ओर टूट पड़ता। कुछ ही देर में सीटें भर जातीं और पीछे रह गए यात्रियों को अगली बस का इंतजार करना पड़ता।
प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। इसका असर स्टेशन पर साफ नजर आया। बहनों के साथ पुरुष और बच्चों की संख्या भी बढ़ गई। जिले के रोडवेज डिपो में 95 निगम की बसें हैं, जबकि अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 62 अनुबंधित बसें लगाई गई हैं। इसके बावजूद यात्रियों की संख्या इतनी रही कि बसें कम पड़ती नजर आईं।
बस आई तो कतार टूटी, दरवाजे पर मची धक्कामुक्की
दोपहर में कई यात्री बसों के आने की दिशा में टकटकी लगाए खड़े थे। जैसे ही लखनऊ की बस पहुंची, कतार टूट गई और यात्री तेजी से दरवाजे की ओर बढ़े। पहले चढ़ने की कोशिश में धक्का-मुक्की होने लगी। महिलाओं और बच्चों को संभालने में साथ आए परिजनों को मशक्कत करनी पड़ी। बस में जगह नहीं बची तो कई यात्री बाहर ही रह गए।
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गर्मी और उमस के बीच लंबे इंतजार से बुजुर्ग और बच्चे परेशान दिखे। कुछ यात्री मजबूरी में निजी वाहनों और अन्य सवारी साधनों की तलाश करते नजर आए। निशुल्क यात्रा का लाभ लेने की उम्मीद में आए यात्रियों के लिए स्टेशन पर इंतजार सबसे बड़ी परीक्षा बना रहा।
महिलाओं ने बताई अपनी परेशानी
लखनऊ जाने वाली संगीता वर्मा ने बताया कि बस आते ही चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। प्रयागराज जाने वाली रीना यादव बच्चों के साथ बस का इंतजार करती रहीं। कहा कि काफी देर बाद बस आई, लेकिन उसमें पहले से भीड़ थी। अयोध्या जाने वाली पूजा सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन पर घर जाने की खुशी है, लेकिन स्टेशन की अव्यवस्था परेशानी बढ़ा रही है। अमेठी जाने वाली निशा श्रीवास्तव ने कहा कि निशुल्क यात्रा से आर्थिक राहत मिली है, मगर भीड़ के कारण सफर मुश्किल हो गया है।
भीड़ वाले मार्गों पर भेजी जा रहीं अतिरिक्त बसें
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों को अलग-अलग मार्गों पर भेजा जा रहा है। जिस मार्ग पर अधिक भीड़ मिल रही है, वहां अतिरिक्त बस भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
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प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए बृहस्पतिवार सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। इसका असर स्टेशन पर साफ नजर आया। बहनों के साथ पुरुष और बच्चों की संख्या भी बढ़ गई। जिले के रोडवेज डिपो में 95 निगम की बसें हैं, जबकि अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 62 अनुबंधित बसें लगाई गई हैं। इसके बावजूद यात्रियों की संख्या इतनी रही कि बसें कम पड़ती नजर आईं।
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बस आई तो कतार टूटी, दरवाजे पर मची धक्कामुक्की
दोपहर में कई यात्री बसों के आने की दिशा में टकटकी लगाए खड़े थे। जैसे ही लखनऊ की बस पहुंची, कतार टूट गई और यात्री तेजी से दरवाजे की ओर बढ़े। पहले चढ़ने की कोशिश में धक्का-मुक्की होने लगी। महिलाओं और बच्चों को संभालने में साथ आए परिजनों को मशक्कत करनी पड़ी। बस में जगह नहीं बची तो कई यात्री बाहर ही रह गए।
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गर्मी और उमस के बीच लंबे इंतजार से बुजुर्ग और बच्चे परेशान दिखे। कुछ यात्री मजबूरी में निजी वाहनों और अन्य सवारी साधनों की तलाश करते नजर आए। निशुल्क यात्रा का लाभ लेने की उम्मीद में आए यात्रियों के लिए स्टेशन पर इंतजार सबसे बड़ी परीक्षा बना रहा।
महिलाओं ने बताई अपनी परेशानी
लखनऊ जाने वाली संगीता वर्मा ने बताया कि बस आते ही चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। प्रयागराज जाने वाली रीना यादव बच्चों के साथ बस का इंतजार करती रहीं। कहा कि काफी देर बाद बस आई, लेकिन उसमें पहले से भीड़ थी। अयोध्या जाने वाली पूजा सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन पर घर जाने की खुशी है, लेकिन स्टेशन की अव्यवस्था परेशानी बढ़ा रही है। अमेठी जाने वाली निशा श्रीवास्तव ने कहा कि निशुल्क यात्रा से आर्थिक राहत मिली है, मगर भीड़ के कारण सफर मुश्किल हो गया है।
भीड़ वाले मार्गों पर भेजी जा रहीं अतिरिक्त बसें
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों को अलग-अलग मार्गों पर भेजा जा रहा है। जिस मार्ग पर अधिक भीड़ मिल रही है, वहां अतिरिक्त बस भेजने की व्यवस्था की जा रही है।