{"_id":"68472585c1cdb2b101066e74","slug":"fine-of-rsfine-of-rs-44-lakh-imposed-on-pwdfine-of-rs-44-lakh-imposed-on-pwdfine-of-rs-44-lakh-imposed-on-pwd-44-lakh-imposed-on-pwd-sultanpur-news-c-103-1-slp1004-134706-2025-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पीडब्ल्यूडी पर लगाया गया 44 लाख रुपये का अर्थदंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पीडब्ल्यूडी पर लगाया गया 44 लाख रुपये का अर्थदंड
Mon, 09 Jun 2025 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मथुरा से पीडब्ल्यूडी सुल्तानपुर को भेजे गए तीन बिटुमिन से भरे टैंकर पकड़े जाने के मामले में राज्य कर विभाग ने 44.93 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही अधिशासी अभियंता को 10 जून को जवाब के लिए राज्य कर कार्यालय में तलब किया है।
बीते तीन जून को लखनऊ के शहीद पथ के पास राज्य कर विभाग की टीम ने बिटुमिन से भरे तीन टैंकर पकड़े थे। ये टैंकर पीडब्ल्यूडी सुल्तानपुर के लिए भेजे गए थे। टीम ने जब टैंकर चालकों से प्रपत्र मांगे तो उन्होंने मैनुअल इनवॉइस उपलब्ध कराई।
नियम के मुताबिक ई इनवॉइस के माध्यम से बिटुमिन क्रय किए जा सकते हैं। जो कागज टैंकर चालकों ने उपलब्ध करवाया, उस पर विक्रेता इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन लिमिटेड के जीएसटी नंबर अंकित थे।
विज्ञापन
क्रेता अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड का जीएसटी नंबर अंकित नहीं पाया गया। इस मामले में राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर श्यामवीर सिंह ने तीनों टैंकरों पर 44 लाख 93 हजार 970 रुपए अर्थदंड लगाया है।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि तीनों टैंकरों की मौके पर ई इनवॉइस नहीं थी। नियम के मुताबिक 30 दिनों में ई इनवॉइस दाखिल होनी चाहिए। उसे दाखिल करने पर बिना जुर्माने के तीनों टैंकर छूट गए हैं।
विज्ञापन
बीते तीन जून को लखनऊ के शहीद पथ के पास राज्य कर विभाग की टीम ने बिटुमिन से भरे तीन टैंकर पकड़े थे। ये टैंकर पीडब्ल्यूडी सुल्तानपुर के लिए भेजे गए थे। टीम ने जब टैंकर चालकों से प्रपत्र मांगे तो उन्होंने मैनुअल इनवॉइस उपलब्ध कराई।
विज्ञापन
नियम के मुताबिक ई इनवॉइस के माध्यम से बिटुमिन क्रय किए जा सकते हैं। जो कागज टैंकर चालकों ने उपलब्ध करवाया, उस पर विक्रेता इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन लिमिटेड के जीएसटी नंबर अंकित थे।
विज्ञापन
क्रेता अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड का जीएसटी नंबर अंकित नहीं पाया गया। इस मामले में राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर श्यामवीर सिंह ने तीनों टैंकरों पर 44 लाख 93 हजार 970 रुपए अर्थदंड लगाया है।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने बताया कि तीनों टैंकरों की मौके पर ई इनवॉइस नहीं थी। नियम के मुताबिक 30 दिनों में ई इनवॉइस दाखिल होनी चाहिए। उसे दाखिल करने पर बिना जुर्माने के तीनों टैंकर छूट गए हैं।