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Sultanpur News: ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज
Thu, 12 Sep 2024 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 12 Sep 2024 01:15 AM IST
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सुल्तानपुर। वित्तीय अनियमितता में बल्दीराय विकास खंड की डीह ग्राम पंचायत के प्रधान पर प्रशासन की गाज गिरी है। जिला मजिस्ट्रेट ने मनरेगा व पंचायतीराज विभाग की निधि से कराए गए कार्यों में कई लाख रुपये की गड़बड़ी मिलने पर प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया है। अंतिम जांच जिला स्तरीय दो अधिकारियों को सौंपी गई है।
ग्राम पंचायत निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह व सत्यप्रकाश सिंह ने शपथपत्र पर शिकायत करते हुए ग्राम प्रधान पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने पंचायतराज विभाग की निधियों से कराए गए कार्यों की जांच की थी।
जांच में हैंडपंप रिबोर, शौचालयों के निर्माण के कार्य में वित्तीय अनियमितता पाई गई है। अपनी करीबी फर्म पर प्रधान की ओर से भुगतान करना पाया है। साथ ही मनरेगा के कार्यों में इंटरलॉकिंग निर्माण समेत अन्य कार्यों में अनियमितता मिली है।
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लोकपाल की जांच में पाया गया कि प्रधान ने कई लोगाें को मनरेगा में फर्जी भुगतान कर दिया है। रिपोर्ट में प्रधान के साथ पंचायत सचिव भी दोषी पाया गया है। इस पर डीएम ने प्रधान ममता शुक्ला से स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना ने प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया है।
इसके साथ ही पंचायत सचिव रोहित चंद्रा के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह व सत्यप्रकाश सिंह ने शपथपत्र पर शिकायत करते हुए ग्राम प्रधान पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने पंचायतराज विभाग की निधियों से कराए गए कार्यों की जांच की थी।
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जांच में हैंडपंप रिबोर, शौचालयों के निर्माण के कार्य में वित्तीय अनियमितता पाई गई है। अपनी करीबी फर्म पर प्रधान की ओर से भुगतान करना पाया है। साथ ही मनरेगा के कार्यों में इंटरलॉकिंग निर्माण समेत अन्य कार्यों में अनियमितता मिली है।
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लोकपाल की जांच में पाया गया कि प्रधान ने कई लोगाें को मनरेगा में फर्जी भुगतान कर दिया है। रिपोर्ट में प्रधान के साथ पंचायत सचिव भी दोषी पाया गया है। इस पर डीएम ने प्रधान ममता शुक्ला से स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना ने प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया है।
इसके साथ ही पंचायत सचिव रोहित चंद्रा के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।